Jharkhand News: जियाडा के फरमान से उद्यमी परेशान, दस कंपनी का आवंटन रद

Adityapur Industrial Area जियाडा के द्वारा 10 कंपनियों का भूखंड आवंटन रद करके नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया शुरू करने से उद्यमियों में रोष व्याप्त हो गया है। इसको लेकर जल्द ही गाेलबंद होकर आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है।

Rakesh RanjanFri, 15 Oct 2021 10:23 AM (IST)
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में दस प्लॉट के लिए निकाला गया है आवेदन

आदित्यपुर, जागरण संवाददाता। जियाडा के द्वारा 10 कंपनियों का भूखंड आवंटन रद करके नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया शुरू करने से उद्यमियों में रोष व्याप्त हो गया है। इसको लेकर जल्द ही गाेलबंद होकर आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है। कई कंपनियों का बिना भौतिक सत्यापन किए ही आवंटन रद कर दिया गया है जबकि उसमें से कई कंंपनी में उत्पादन अभी भी चालू है। इस सबंध में बताया जाता है कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के नाम पर लंबे समय से जमीन आवंटित कराकर उद्योग नहीं लगाने वाले का लीज रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

जियाडा के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा तीन नोटिस दिये जाने के उपरांत 10 आवंटियों के लीज रद्द कर वहां उद्योग लगाने के लिए पुन: ऑनालाइन आवेदन मांग लिया गया है। इस बाबत पीसीसी बैठक आगामी शनिवार को रखी गयी है। इधर लीज रद्द होने के बाद आवंटियों ने कोर्ट की शरण ली है। हालांकि उद्योग की जमीन को दूसरे उद्यमी को आवंटित करने की कार्रवाई जियाडा में शुरू कर दी गयी है। अब मामला पेंचिदा होता दिख रहा है। अगर पूर्व आवंटियों के हक में कोर्ट का निर्णय होता है तो फिर जियाडा का निर्णय क्या होगा। नई उद्योग नीति 2021 लागू होने के बाद से ही जियाडा का क्षेत्रीय कार्यालय पूरी तरह से एक्शन में है। वैसे भूखंड जिसका आवंटन कराकर उद्यमी उद्योग संबंधित कार्य नहीं कर रहे हैं, जमीन लेकर खरीद फरोख्त की नीयत से लैंड बैंक बनानेवाले तथा किराये पर लगानेवाले उद्यमियों को चिन्हित कर नोटिस दिया जा रहा है। इन्हें तीन नोटिस दिये जाने के बाद जमीन आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।

दस प्लॉट के लिए निकाला गया है आवेदन

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के प्रथम चरण में ए-31, सी-10 पी, छट्ठे चरण में एनएस 37, एनएस-116पी, सातवें चरण में एनएस 48, तृतीय चरण में मिनी शेड 14, सी-73 व बी 21, द्वितीय चरण में सी-1 पी, सातवें चरण में एफ -38, एफ-39 प्लॉट के लिए आवेदन मांगा गया है।

किसी को पूरा तो किसी का आधा भूखंड का आवंटन हुआ है रद्द

जियाडा की इस कार्रवाई पर विवाद शुरू हो गया है। जिनका आवंटन रद्द किया गया है वे सभी उद्यमी कोर्ट की शरण में चले गये है। उद्यमियों ने बताया कि जियाडा द्वारा बगैर कंपनी के भौतिक स्थिति जाने ई बिडिंग के लिए आवेदन मांग लिए हैं। जबकि पहले उनसे जानकारी लेनी चाहिए। बताया कि जिन भूखंडों का ई बिडिंग के लिए आवेदन मांगा गया है उसमें कई भूखंडों पर उत्पादन हो रहा है। वहीं इन कंपनियों पर पूर्व में की गयी कार्रवाई के खिलाफ विभाग तथा कोर्ट में मामला विचाराधीन है। उद्यमियों ने बताया कि कुछ कंपनियों के आधा पार्ट को रद्द कर दिया गया है जिससे भविष्य में कंपनी का विस्तारीकरण नहीं हो पायेगा।

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