पानी के कनेक्शन के लिए तीन वर्ष से भटक रही है 74 वर्षीय महिला, मंत्री से गुहार भी नहीं आई काम

सोनारी परदेसी पाड़ा की रहनेवाली 74 वर्षीय महिला सुखवती बाई ।

एक महिला पिछले तीन वर्षों से पानी के कनेक्शन के लिए कभी टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में जुस्को) तो कभी जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह झारखंड सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता के यहां दौड़ रही है।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 12:04 PM (IST) Author: Rakesh Ranjan

जमशेदपुर, जासं।  बिजली-पानी मानव जीवन की मूलभूत जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी भी परिवार को इस सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता। लेकिन एक महिला पिछले तीन वर्षों से पानी के कनेक्शन के लिए कभी टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में जुस्को) तो कभी जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सह झारखंड सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता के यहां दौड़ रही है। 

यह मामला है सोनारी स्थित एयरपोर्ट के समीप परदेसी पाड़ा की रहने वाली 74 वर्षीय महिला सुखवती बाई का जिनके घर तीन वर्ष पहले जुस्को से पानी का कनेक्शन था। लेकिन बड़े बेटे तुलु राम के साथ हुए पारिवारिक विवाद के बाद जुस्को ने उनके घर से पानी का कनेक्शन काट दिया। अब सुखबती बाई अपने छोटे बेटे राजू लाल के साथ उसी घर में रहती है लेकिन घर पर पानी का कनेक्शन नहीं होने के कारण पूरे परिवार को काफी मानसिक व शारीरिक तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

जुस्‍को से भी मिला केवल आश्‍वासन

झारखंड लोधी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह के समक्ष जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने इस पर पहल करने के लिए बन्ना गुप्ता ट्वीट कर जल्द मामले की पहल करने की मांग की। राजकुमार के अनुसार जुस्को के पास भी कई बार आवेदन दिए गए लेकिन कंपनी के वरीय महाप्रबंधक कैप्टन धनंजय मिश्रा ने आश्वासन तो दिया लेकिन अब तक पानी का कनेक्शन नहीं जोड़वाया।

ये कहते परिजन

परिवारवालों के अनुसार जुस्को के अधिकारी केवल परिवारवालों को घूमा रहे हैं। साथ ही परिवारवालों ने मंत्री बन्ना गुप्ता को भी ज्ञापन दिया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस पर राजकुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द ही इस मामले को लेकर उपायुक्त से जाकर मिलने का आश्वासन दिया है। राजकुमार का कहना है कि स्वतंत्र भारत में आज एक बूढ़ी महिला पानी के लिए तरस रही है जो बहुत ही दुखद बात है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.