SBI, HDFC, ICICI सहित 12 कंपनियों ने मिलकर बनाई ब्लॉकचेन की नई कंपनी, MSME सेक्टर को होगा फायदा

एमएसएमई यानी मध्यम व लघु उद्योग की असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एसबीई आईसीआईसीआई एचडीएफसी सहित देश के 12 बैंकों ने एक ब्लॉकचेन कंपनी बनाई है। ब्लॉकचेन ऐसा एनक्रिप्टेड सिस्टम है जिससे साइबर चोरों के लिए डाटा चुराना असंभव है।

Jitendra SinghFri, 18 Jun 2021 06:00 AM (IST)
SBI, HDFC, ICICI सहित 12 कंपनियों ने मिलकर बनाई ब्लॉकचेन की नई कंपनी

जमशेदपुर, जासं। बैंकों में अब तक जमा-निकासी समेत वित्तीय लेनदेन से संबंधित कार्य किए जाते थे, लेकिन अब आपको बैंक से लेटर आफ क्रेडिट, जीएसटी चालान और ई-वे बिल की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ के अलावा 12 अन्य बैंक ब्लॉकचेन लेकर आ रहे हैं, जो लघु उद्यमियों के लिए काफी सुविधाजनक होगा।

भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने आइसीआइसीआइ बैंक, कोटक महिंद्रा, एक्सिस बैंक के अलावा 11 अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ एक नई कंपनी बनाई है, जिसे इंडियन बैंक्स की ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (आइबीबीआइसी) नाम दिया गया है। इससे कागजी कार्रवाई खत्म करने, लेनदेन प्रसंस्करण के समय को कम करने और एक सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद है। यह सुविधा खासकर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बेहतरीन कदम हो सकता है।

क्या होता है एलसी

एलसी या लेटर ऑफ क्रेडिट को साख-पत्र भी कहा जाता है। यह वह पत्र होता है, जिसमें बैंक गारंटी देते हैं कि खरीदार समय पर और सही राशि के लिए विक्रेता को भुगतान करेगा। एलसी की व्यवस्था नई नहीं है, लेकिन फिलहाल इसकी गति या प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी है। धोखाधड़ी को रोकने, लेनदेन को प्रमाणित करने और खाता बही को संतुलित करने के लिए काफी परेशानी होती है। एलसी जारी करने के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग करने से निश्चित ही इन मुद्दों का समाधान होगा। एक ही चालान पर दो एलसी जारी करने जैसी आम धोखाधड़ी को भी इस ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से आसानी से रोका जा सकता है। यह प्रणाली एक वर्ष के अंदर शुरू होने की उम्मीद है।

सूक्ष्म व लघु उद्यमियों को कैसे होगा लाभ

इसकी प्रक्रिया पूरी तरह से टोकन की अवधारणा पर आधारित है। यह संवेदनशील डेटा को गैर-संवेदी डाटा में बदलने में मदद करता है जिससे एक श्रृंखला में कई पार्टियों द्वारा लाभ उठाया जा सकता है। यह डाटा की प्रामाणिकता को बनाए रखने में भी मदद करता है और परोक्ष रूप से डिजिटलीकरण को सक्षम बनाता है। दरअसल, इसमें एक मूल चालान को एक टोकन में बदला जा सकता है, जिसका उपयोग भुगतान, ओवरहेड समेत अन्य कार्यों के लिए किया जा सकता है। अपने सभी लेन-देन, संपत्ति, देनदारियों, और बहुत कुछ के माध्यम से टोकन से अनुमोदन त्वरित हो जाएगा, संवितरण और निपटान तत्काल होंगे, और धोखाधड़ी की संभावना कम से कम होगी।

कौन-कौन होंगे भागीदार

इस ब्लॉकचेन में चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के अलावा निजी बैंकों में एचडीएफसी बैंक, आइसीआइसीआइ बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, यस बैंक, आरबीएल बैंक, आईडीएफसी बैंक, साउथ इंडियन बैंक और फेडरल बैंक शामिल हैं। सार्वजनिक क्षेत्र से बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआइ, केनरा बैंक और इंडियन बैंक शामिल हैं। इसमें अमेरिकी ऋणदाता स्टैंडर्ड चार्टर्ड एकमात्र अंतरराष्ट्रीय बैंक है।

इस तकनीक को पहले ही एसबीआइ और एक्सिस बैंक द्वारा प्रयोग किया जा चुका है, लेकिन एक उद्योग-व्यापी गठबंधन पहला है। 

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