अस्पताल में में नहीं हो रहा गाइडलाइन का पालन

बाटम कोविड-19 से लड़ाई के सारे नियम मरीज से लेकर अस्पताल प्रबंधन सभी हो चुके हैं बेपरव

JagranThu, 02 Dec 2021 09:23 PM (IST)
अस्पताल में में नहीं हो रहा गाइडलाइन का पालन

बाटम

कोविड-19 से लड़ाई के सारे नियम

मरीज से लेकर अस्पताल प्रबंधन सभी हो चुके हैं बेपरवाह

हजारीबाग : जिले में कोरोना संक्रमण कम होने के बाद से लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर अब गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। जबकि वर्तमान में एक बार फिर से कोरोना ने अपने को म्यूटेट कर पूर्व से काफी घातक एवं संक्रामक होकर ओमीक्रॉन के रूप में सामने आया है। इसे लेकर अब केंद्र से लेकर राज्य की सरकारें भी गंभीर हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद दी जानेवाली रियायतें एक बार फिर से समाप्त करने की बात हो रही है। हालांकि सरकार की ओर से लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश हमेशा दिया जाता रहा है। लेकिन लोगों की बात क्या करें कोरोना की जांच व इलाज करने के स्थान मेडिकल कॉलेज में भी अब कोरोना संक्रमण को लेकर दिनों दिन बेपरवाह होते जा रहे हैं। हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तो लापरवाही चरम पर है। ओपीडी में अपना इलाज कराने पहुंचने वाले लोगों के चेहरे पर ना तो मास्क होता है और ना ही वे शारीरिक दूरी का पालन करते हैं। लोगों की इन बातों को लेकर अस्पताल प्रबंधन भी मौन रहता है। आखिर अस्पतालों में यह हाल है तो फिर आम स्थानों पर क्या स्थिति होगी इसकी सहज ही कल्पना की जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन करीब 800-1000 लोग अपनी बीमारी का इलाज कराने पहुंचते हैं। इस कारण वर्तमान निबंधन सेंटर से लेकर ओपीडी, ट्रामा सेंटर सभी स्थानों पर मरीजों की बड़ी भीड़ जमा हो जाती है। लेकिन इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से लोगों के बीच शारीरिक दूरी बनाए रखने व मास्क का अनिवार्य तौर पर इस्तेमाल करने के लिए कोई गार्ड की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। इस वजह से शारीरिक दूरी की बात कौन कहे लोग एक सीधी लाइन में लगकर निबंधन कराने या डाक्टर के पास दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार नहीं करते हैं।

----------------------------------------- लोगों को मास्क का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार अनुरोध किया जाता है, फिर भी लोग बेपरवाह रहते हैं । वहीं लाइन लगवाने एवं शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए गार्ड की डयूटी लगाई गई है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण कई दफा स्थिति असहज हो जाती है।

डा. विनोद कुमार, अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.