योजनाओं के चयन में भेदभाव, बैठक से बाहर निकले विधायक

लीड---------- डीएमएफटी की बैठक में मनीष जायसवाल ने दर्ज कराया विरोध फोटो 4 संवाद सह

JagranPublish:Sat, 27 Nov 2021 07:53 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 07:53 PM (IST)
योजनाओं के चयन में भेदभाव, बैठक से बाहर निकले विधायक
योजनाओं के चयन में भेदभाव, बैठक से बाहर निकले विधायक

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डीएमएफटी की बैठक में मनीष जायसवाल ने दर्ज कराया विरोध,

फोटो : 4 संवाद सहयोगी हजारीबाग: शनिवार को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के न्यास परिषद की बैठक में सदर विधायक मनीष जायसवाल ने योजनाओं के चयन में भेद-भाव का आरोप लगाया है। सदर विधानसभा के साथ सौतेले व्यहवार से नाराज सदर विधायक बीच बैठक से बाहर निकल गए। उन्होंने बताया कि बैठक में मिले प्रतिवेदन का आकलन किया जिसमें योजनाओं के चयन में सदर विधानसभा क्षेत्र की हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा किए गए भारी अनदेखी की गई थी। सदर प्रखंड कार्यालय के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात यहां पत्रकारों से मुखातिब होते बताया कि यहां की जनता को हजारीबाग जिले के अन्य प्रखंडों के मुताबिक समान अधिकार नहीं दिया गया है । आरोप लगाया कि डीएमएफटी मद की योजनाओं के चयन में वर्तमान हजारीबाग जिला प्रशासन का आचरण बेईमानी का है। इसका उदाहरण उन्होंने उक्त योजना का स्थल जांच के उपरांत तैयार किए गए प्रतिवेदन के माध्यम से प्रस्तुत किया। कहा कि मैं खुद मानता हूं कि जिस क्षेत्र में खनन संबंधी संचालन का कार्य होता है वैसे क्षेत्र में डीएमएफटी की योजनाओं में विशेष प्राथमिकता देनी चाहिए लेकिन अन्य सभी क्षेत्रों में योजनाओं के चयन में बगैर किसी भेदभाव के बराबर की योजनाएं संचालित की जानी चाहिए। लेकिन, हजारीबाग जिला प्रशासन के अधिकारी सत्ता पक्ष के चाटुकारिता में और सत्ता पक्ष के लोगों को खुश करने के लिए अन्यायपूर्ण कार्य कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला प्रशासन के अधिकारियों को जिले के अन्य क्षेत्रों के साथ सदर विधानसभा क्षेत्र को भी एक ही नजरिए से देखना चाहिए ।

कटकमसांडी को मिली सिर्फ एक योजना

तैयार प्रतिवेदन में हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के कटकमसांडी प्रखंड जिसमें कुल 18 पंचायत आते हैं वहां सिर्फ 01 योजना का चयन किया गया। सदर प्रखंड जिसमें कुल 25 पंचायत आते हैं यहां भी 01 योजना का चयन हुआ, जबकि दारू प्रखंड क्षेत्र जिसमें सदर विधानसभा क्षेत्र के अधीन 5 पंचायत आते हैं यहां 04 योजना के लिए स्थल जांच की गई है, वहीं कटकमदाग प्रखंड जो सीधे तौर पर माइनिग प्रभावित क्षेत्र है वहां संभवत: प्रतिवेदन में 08 छोटी-छोटी योजनाएं ली गई है।