न शोकाज हुआ और न मिला नोटिस, भंग हो गई गौशाला समिति

न शोकाज हुआ और न मिला नोटिस, भंग हो गई गौशाला समिति

एक भी पैसा अनुदान नहीं देती सरकार कोलकात्ता पिजरापोल सोसायटी करती है संचालित कर्मियों क

JagranMon, 12 Apr 2021 08:45 PM (IST)

एक भी पैसा अनुदान नहीं देती सरकार, कोलकात्ता पिजरापोल सोसायटी करती है संचालित

कर्मियों को कौन देगा वेतन, कहा से आएगा चुन्नी चोकर, दान मिलना बंद

संवाद सहयोगी, हजारीबाग : गत दिनों कोलकात्ता पिजरा पोल सोसाइटी द्वारा संचालित हजारीबाग गोशाला की प्रबंध समिति पर जिला प्रशासन ने गंभीर आरोप लगाकर भंग तो कर दी। परंतु भंग करने से प्रबंध समिति के उपर लगाए गए आरोपों का जवाब मांगा गया न हीं समिति भंग होने की सूचना दी गयी। प्रबंध समिति आज भी प्रशासनिक निर्णय को लेकर असमंजस में है और किसी भी प्रकार का सूचना और पत्र मिलने से इंकार किया है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल खबरों के बीच प्रशासनिक महकमा की माने तो सारे निर्णय की जानकारी पत्र भेज कर दी गयी। परंतु पत्र किसे दिया गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अचानक गोशाला प्रबंध समिति को भंग कर देने की खबर के बाद शहर में तरह तरह की चर्चाएं है । लोगों का कहना है कि जिस तरह गौरिया करमा पशु प्रक्षेत्र को बर्बाद कर दिया गया। ठीक उसी तरह बेहतर हालत में संचालित संस्थान को सोची समझी साजिश के तहत बर्बाद करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

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आठ को मिलता था कर्मियों को वेतन, 12 को भी नहीं मिला, आज से चुन्नी चोकर पर भी संकट

समिति भंग हो जाने के बाद अबतक कर्मियों को वेतन जारी नहीं किया गया है। प्रबंध समिति की ओर से माह के आठवें तारीख को वेतन जारी किया जाता था। इसी तरह पशुओं के लिए एक माह का चारा गौशाला के स्टॉक में है, परंतु संतुलित आहार चुन्नी चोकर का स्टॉक सोमवार को खत्म हो गया। ऐसे में मंगलवार से चुन्नी चोकर कौन लाएगा यह भी चिता गौशाला प्रबंधक को सता रही है। ----------------------------

कोलकात्ता पिजरा पोल सोसायटी करती है संचालित, दान मिलना हुआ बंद

हजारीबाग गोशाला को कोलकत्ता पिजरा पोल सोसायटी संचालित करती है। राज्य में चकुलिया और हजारीबाग दो बड़े गौशाल है , जिसे सोसायटी संचालित करती है। पूरी तरह निजी सहयोग से संचालित यह सोसायटी को सरकार से अनुदान नहीं लेती। केवल गौशाला को पशु तस्करों द्वारा छुड़ा कर लाए गए पशुओं के भोजन मद में मिलने वाले पैसे मिलते है। वो भी तीन से चार साल पर भुगतान होता है। ऐसे में समिति भंग हो जाने के बाद गोशाला को दान मिलना भी बंद हो गया है।

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- किसी को मनमानी करने नहीं दिया जाएगा। गौशाला किसी की व्यक्तिगत संपति नहीं है। संबंधित व्यक्तियों को नोटिस और पत्र भेजा गया है। मेरे पास सारे रिकार्ड है।

विद्या भूषण, एसडीएम, हजारीबाग

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