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संक्रमण से बचाव को सीएस कार्यालय में बाहरी का प्रवेश वर्जित

संसू, हजारीबाग : जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जिला के सिविल सर्जन कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं विशेष आवश्यकता पड़ने पर ही किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी जाती है। वहीं एचएमसीएच के छह कर्मियों के संक्रमित पाए जाने के बाद अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य भवनों को सील कर सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। इस कारण सिविल सर्जन कार्यालय से लेकर अधीक्षक कार्यालय में कार्य संपादन की रफ्तार धीमी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के दो लैब टेक्नीशियन, तीन कर्मी व एक ड्राइवर अब तक की गई जांच में संक्रमित पाया गया है। इस कारण अस्पताल के कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है। कर्मियों के संक्रमित होने का प्रभाव कार्यालय के कामकाज पर भी पड़ रहा है। एक ओर जहां लैब टेक्नीशियनों ने क्वारंटाइन की मांग करते हुए रविवार को कार्य बहिष्कार किया था, वहीं दूसरी ओर अधीक्षक कार्यालय के तीन कर्मियों के संक्रमित होने के कारण एहतियात के तौर पर पूरे अधीक्षक कार्यालय को सील करते हुए सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन कार्यालय में भी प्रवेश गेट पर लगे ग्रील को आधा बंद कर दिया गया है। साथ ही कुर्सियों व साइन बोर्ड की सहायता से कार्यालय आने-जानेवाले के रोक लगाई गई है। ताकि कोई भी अपरिचित व्यक्ति पहले की धड़ल्ले से कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सके। गौरतलब है कि उपाधीक्षक कार्यालय के संक्रमित कर्मियों का सिविल सर्जन कार्यालय में भी आना जाना लगा रहता है। ऐसे में अधीक्षक कार्यालय के कर्मियों के संक्रमित होने का प्रभाव सिविल सर्जन कार्यालय पर दिख रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय भवन में ही संचालित जिला आरसीएच कार्यालय में भी कर्मियों के संक्रमित पाए जाने का असर दिख रहा था। जिला आरसीएच कार्यालय में प्रवेश के दूसरे बडे गेट को बंद कर दिया गया था। ताकि बाहरी व्यक्ति के धड़ल्ले से प्रवेश पर रोक लगाई जा सके।

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