घर में बने भोजन पर जम जाती है कोयले की धूल, घर-घर सामने आ रहे दमा रोगी

घर में बने भोजन पर जम जाती है कोयले की धूल, घर-घर सामने आ रहे दमा रोगी
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 11:18 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, कटकमदाग (हजारीबाग) : थाना क्षेत्र के बानादाग-कटकमदाग कोल साइडिग के कारण ग्रामीणों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर ग्रामीणों की शिकायतों की जांच करने एनजीटी की दो सदस्यीय टीम उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद, प्रदूषण बोर्ड के अशोक यादव के साथ बानादाग रेल साइडिग पहुंची। इस अवसर पर शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता टीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। टीम के सदस्यों ने काफी ध्यान पूर्वक ग्रामीणों की बातों को सुना। साथ ही साथ टीम के सदस्यों व जिला के पदाधिकारियों ने मौके का अवलोकन भी किया। टीम के सदस्यों ने साइडिग के चारों ओर खेतों में जमी धूल से काली हो चुकी फसल को देखा। टमाटर के खेत और फसल को धूल से बचाने के लिए बनाई गई चहारदीवारी के उंचाई भी नापा। ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों व अन्य पदाधिकारियों को बताया कि गांव में कोयले की धूल के कारण सांस की समस्या बढ़ती जा रही है। पीने का पानी काला हो गया है, घर में बने भोजन में भी कोयले की धूल जम जाती है। खेतों में बनाए गए 13 सिचाई कूप के बारे में भी ग्रामीणों ने जानकारी दी। बताया कि साइडिग वाले उसे भर कर जमीन से बेदखल कर दिया है। ग्रामीणों ने आबादी और खेती से सटा होने के कारण यहां साइडिग चलाने का पुरजोर विरोध किया। साथ ही साइडिग को दूर कहीं निर्जन स्थान पर ले जाने की मांग रखी। मौके जिप सदस्य प्रियंका कुमारी, सुधीर प्रसाद, तापेश्वर प्रसाद, मनीष कुमार, महेंद्र प्रजापति, झमन महतो, प्रभु कुमार आदि कई लोग उपस्थित थे।

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