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दर्जनों शौचालय छत व गेट विहीन

अरुण गिरी, बिशुनपुर (गुमला) : अति नक्सल प्रभावित बिशुनपुर प्रखंड के घाघरा पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर मनरेगा की तरह ही घोटाला किया गया है। न पेयजल स्वच्छता विभाग और न ही जिला प्रशासन की ओर से शौचालय निर्माण में हुई गड़बड़ी पर ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाने के कार्यक्रम में घोर अनियमितता बरती गयी। वैसे तो सरकार ने बिशुनपुर प्रखंड को ओडीएफ घोषित कर दिया है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि शौचालय अधूरा बनाकर छोड़ दिए गए हैं। दो साल पहले जल सहिया और मुखिया मिलकर शौचालय का निर्माण करा रहे थे। लेकिन घाघरा पंचायत में किए गए पड़ताल के तहत दर्जनों लोगों के शौचालय छत विहीन और गेट विहिन हैं। खुले मैदान में लोग शौच करने जाने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया और जल सहिया ने कहा था कि शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। किसी को खुले में शौच करने नहीं जाना है। शौचालय बनना आरंभ हुआ। घाघरा गांव के अरविद खेरवार,लालदेव नगेशिया, दिलेश्वर नगेशिया की शिकायत है कि अधूरा शौचालय निर्माण के राशि की निकासी कर ली गई है। गांव में किसी का शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।

कोट

शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही है। प्रखंड के सभी गांवों में बने शौचालयों के निर्माण का जांच कराया जा रहा है। घाघरा पंचायत में भी जांच चल रही है। जांच प्रतिवदेन मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

छंदा भट्टाचार्य-बीडीओ,बिशुनपुर।

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