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बकरी पालन व लाह उत्पादन से दूर की जाएगी गरीबी

संवाद सहयोगी, गुमला : नाबार्ड द्वारा स्पेशल एरिया डेवलपमेंट प्लान से गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जाएगा। इस योजना को ग्रामीण क्षेत्र में धरातल पर उतारा जाएगा। योजना के संबंध में जानकारी देते हुए नाबार्ड के डीडीएम नीशित कुमार ने बताया कि बकरी पालन और लाह की खेती के क्षेत्र में ग्रामीणों को दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए समय समय पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बताया कि गुमला जिला बकरी पालन और लाह की खेती के लिए उपर्युक्त जलवायु है। बकरी पालन के लिए 107.69 करोड़ रुपये जबकि लाह की खेती के लिए 126 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पांच वर्षीय योजना में बकरी पालन में 2075 लाभुक और लाह की खेती में 342 समूहों को जोड़ा जाएगा। लाह की खेती के लिए कलस्टर तैयार किया जाएगा। उन क्षेत्रों का चयन किया जाएगा जिन क्षेत्रों में लाह उत्पादन का संभावना अधिक है तथा लाह उत्पादन होने वाले पेड़ों की संख्या अत्यधिक है। बकरी पालन के लिए उन गांवों का चयन किया जाएगा जहां गरीबी अधिक है। बताया कि बकरी पालन में अच्छी आमदनी है। बकरी की बिक्री में भी परेशानी नहीं है। गांवस्तर पर ही बकरी की बिक्री हो जाती है। जबकि लाह का भी अच्छा बाजार है। बाहर के व्यापारी किसानों से लाह क्रय करते हैं।

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