एक वर्ष बाद जागा स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद से

एक वर्ष बाद जागा स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद से

गुरदीप राज गुमला कोरोना संक्रमण का खतरा एक वर्ष पहले से ही गुमलावासियों पर मंडरा रह

JagranSat, 17 Apr 2021 10:14 PM (IST)

गुरदीप राज, गुमला : कोरोना संक्रमण का खतरा एक वर्ष पहले से ही गुमलावासियों पर मंडरा रहा है। ऐसे में फिर यह खतरा ज्यादा ताकतवर बनकर गुमला में पहुंचा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कुंभकर्णी नींद अब खुली है जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। गुमला जिला में मात्र 21 वेंटिलेटर बेड की सुविधा है। लेकिन गुमलावासियों की बदकिस्मती ही इसे कहेंगे कि एक वर्ष बाद भी इन वेंटिलेटर बेड के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञ की व्यवस्था नहीं कर सकी। ऐसे में यह वेंटिलेटर शोभा की वस्तु बनी हुई है। अगर इन वेंटिलेटर का संचालन एक वर्ष पहले से ही किया जाता तो इस विपत्ति की घड़ी में इसका इस्तेमाल किया जाता और गुमला के लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण के कारण 11 लोगों ने अपनी जान गुमला में गवां दी। अगर स्वास्थ्य सुविधाएं गुमला में इन्हें मुहैया होती तो इनकी जान बच सकती थी। गरीब का एक मात्र सहारा इस कोरोना काल में सदर अस्पताल है। लेकिन यहां भी स्वास्थ्य विभाग के हाकिमों के कारण गरीब मरने को मजबूर है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तक छुपा कर रखते हैं ताकि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या को कम दर्शाया जा सके। इतनी ही नहीं जिले में वैक्सीनेशन का प्रचार प्रसार तो जोरों पर हो रहा है लेकिन खुद ही जिले के कई अधिकारियों ने खुद ही वैक्सीन नही लिया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की पोल कोरोना संक्रमण ने खुद ब खुद खोल दी है। शनिवार को जिले में 1185 सैंपल लिए गए जिनमें 99 कोरोना पॉजिटिव के नए मामले सामने आए है। जिले में कुल 631 मामले कोरोना पॉजिटव के सक्रिय है।

----- कोरोना संदिग्ध कर रहे दुकानदारी, जाने अनजाने में फैला रहे संक्रमण

गुमला में कोरोना संदिग्ध दुकानदारी कर रहे है और जाने अनजाने में दर्जनों लोगों को कोरोना संक्रमित करने में अहम भूमिका निभा रहे है गुमला शहर ही नहीं पूरे जिले में कई ऐसे व्यापारी, शहरी व जिम्मेदार नागरिक व सरकारी कर्मचारी व अधिकारी है। जिन्होंने अपनी कोरोना जांच कराई है और रिपोर्ट आने तक खुले में घूम रहे हैं और लोगों को संक्रमित कोरोना जांच के बाद रिपोर्ट दो दिनों में मिल रही है। इन दो दिनों में कई लोगों को संपर्क में यह संदिग्ध आ रहे है। ऐसे ही मामला बिशुनपुर में आया था जहां दुकानदार कोरोना पाजिटिव होने के बावजूद दुकान चला रहा था। घाघरा के सरकारी अधिकारी खुले में घूम रहे थे। जिले में 13 मार्च को गुमला में सिर्फ 11 कोरोना पाजिटिव के मरीज थे। इस एक माह में 631 से पार हो चुके हैं कोरोना पाजिटिव के मरीज। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के कारण गुमला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के सांस फूलने लगा है। -----

जिले में बेडों की संख्या कुल उपलब्ध बेड : 278

सामान्य बेड: 237 आक्सीजन युक्त बेड : 10

आइसीयू बेड : 10 वेंटिलेटर बेड : 21

------ दवा किट की हुई शुरुआत

जिले में करीब तीन सौ से ज्यादा लोग होम क्वांरटाइन में है। शुक्रवार तक इन मरीजों को डाक्टर की सलाह के अनुसार खरीद कर दवा खानी प़ड़ रही थी। लेकिन शनिवार से गुमला स्वास्थ्य विभाग ने नए मरीजों के लिए दवा किट की व्यवस्था की है। इस किट में पेरासिटामोल, विटामिन सी की दवा सहित पांच तरह की दवा का कीट तैयार किया है जो शनिवार से होम क्वारंटाइन में रहने वाले व चंदाली स्थित कोविड केयर सेंटर में रहने वाले मरीजों को देने का शुरुआत की गई है। दवा का डोज पांच दिनों का है। ---------

होम आइसोलेशन के लिए करना होगा आवेदन जिले में जिन कोरोना पाजिटिव मरीजों के हल्की तकलीफ है वैसे मरीज कोविड नियंत्रण कक्ष में आकर आवेदन कर होम क्वारंटाइन में रह सकते है। उन्हें आवेदन करने के साथ ही दवा की कीट उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ ही जो मरीज कोविड नियंत्रण कक्ष में नहीं आ सकते। वैसे मरीज मोबाइल पर आवेदन कर अपनी जिम्मेवारी में अपने घर में होम क्वारंटाइन में रह सकते हैं।

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