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विचाराधीन बंदी की मौत के विरोध में घंटों सड़क जाम

संवाद सूत्र, रायडीह : गुमला जेल में बंद जुआ खेलने के आरोपी विचाराधीन बंदी विजय साहु उर्फ बीजू की हुई मौत के विरोध में एनएच 43 पर रायडीह में आक्रोशित ग्रामीणों ने अपराह्न तीन बजे से साढ़े पांच बजे तक लगा रहा। जेल में तबियत बिगड़ने के बाद रविवार को विजय साहु को सदर अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। सोमवार को दंडाधिकारी की उपस्थिति में उसके शव को पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। विजय की मृत्यु से उसके परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और पुलिस की लापरवाही व मनमानी के कारण विजय की मृत्यु होने का आरोप लगाने लगे। परिजनों और ग्रामीणों का कहना था कि विजय साहु निर्दोष था और पुलिस ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जुआ खेलने के आरोप में उसे जबरन जेल भेजा था। उसके साथ सारिक खान और शमशाद राय को भी 11 अक्टूबर को जेल भेजा गया था। सभी जाम के समय सभी अभियुक्तों के परिजन जमा थे। सड़क जाम के कारण एनएच 43 पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा। सड़क जाम की खबर मिलने के बाद रायडीह के बीडीओ मिथिलेश कुमार सिंह, प्रमुख इस्माइल कुजूर, चैनपुर के पुलिस निरीक्षक रंजीत कुमार, सुंडी समाज के जिलाध्यक्ष दिलीपनाथ साहु, बृजेश लाल, पुनीत लाल, मो. मीरा और मो. जहरुद्दीन राय ने सड़क जाम कर रहे लोगों केा समझाने बुझाने का काम किया। मरे विजय की पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 11 हजार रुपये की नकद सहायता दी गई। साथ ही विधवा पेंशन एवं पीएम आवास देने का आश्वासन दिया गया। पुलिस की ओर से प्राथमिकी में लगाए गए धारा 420 हटाए जाने का आश्वासन दिया गया। ग्रामीण थाना प्रभारी का स्थानांतरण किए जाने की मांग कर रहे थे।

एसपी को सौंपा ज्ञापन : जिला सुंडी समाज के अध्यक्ष दिलीप नाथ साहु के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने बंदी विजय साहु की मौत की जांच कराने, आश्रित को नौकरी व मुआवजा की तांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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