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दिल्ली में रहनेवाले जनप्रतिनिधि नहीं समझेंगे लोगों के दर्द : एनोस

संवाद सूत्र, बसिया : पारा शिक्षक हत्याकांड में सजा पाने के बाद अपनी विधायिकी गवां चुके झापा के केंद्रीय अध्यक्ष एनोस एक्का ने कहा है कि दिल्ली में रहकर शासन करने वाले मिट्टी के घर में रहने वालों के दुख दर्द को कभी नहीं समझ सकेंगे। ऐसे लोगों के दुख दर्द को उनके बीच मिट्टी के घर के जीवन बसर करने वाला बेटा ही समझ सकता है। इसलिए आप ऐसे जनप्रतिनिधि का चयन करें जो दिल्ली और रांची के बजाए आपके बीच का रहने वाला हो। शुक्रवार को बसिया में पार्टी के आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एनोस एक्का ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार पूंजीपतियों को संरक्षण दे रही है। झारखंड का गठन लोगों के अमन चैन और सुख सुविधा के लिए हुआ था। लेकिन आज लोगों केा कौम में बांटकर लड़ाने का काम किया जा रहा है। जिससे भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। हमें जाति भेद के बंधन से मुक्त होना होगा। इस अवसर पर कांग्रेस के नेता शशिकांत भगत ने झापा की सदस्यता ग्रहण की और उन्होंने भाजपा एवं कांग्रेस पर सामाजिक समरसता समाप्त करने का आरोप लगाया। इस सम्मेलन को पार्टी के प्रधान महासचिव अशोक भगत , आनंद पौल तिर्की , किरण आइंद, अर्पणा हंस, फिलिप्स सोय,रामसूर्य मुंडा,गजाधर ओहदार, मोहन सिंह आदि ने संबोधित किया।

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