एक किमी. दूर से विद्यार्थी लाते हैं पानी, तब बनता है मध्याह्न भोजन

संवाद सूत्र, घाघरा : समग्र शिक्षा अभियान और राज्य सरकार द्वारा हर विद्यालय में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराए जाने के किए गए प्रयास के बावजूद घाघरा प्रखंड के चुंदरी गांव में हापामुनी एक ऐसा उवि है, जहां पेयजल की सुविधा अब तक बहाल नहीं हो सकी है। यह विद्यालय विशुद्ध ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हो रहा है। जहां काफी संख्या में बच्चियां नामांकित हैं। यहां अब तक पेयजल की सुविधा बहाल नहीं हो सकी है। विद्यालय में पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। इस विद्यालय में नामांकन बच्चों की संख्या 750 है। विद्यालय परिसर में जल स्त्रोत है और न ही हैंडपंप लगाए गए हैं। नतीजतन प्यास बुझानी हो या मध्याह्न भोजन बनाना हो तो छोटे-छोटे बच्चे बच्चियों से ही एक किमी. दूर से विद्यालय प्रबंधन पानी मंगवाता है।

कोट

मेरे पंचायत का यह उच्च विद्यालय शिक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यहां 750 बच्चे अध्ययन करते हैं। विद्यालय परिसर में कोई हैंडपंप नहीं लगाया गया है। कई बार जिला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। पेयजल संकट दूर करने का अनुरोध भी किया। लिखित आवेदन भी दिया गया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। विद्यालय प्रबंधन समिति डीप बोरिग की मांग कर रहा है। मेरी कोशिश पेयजल सुविधा उपलब्ध कराए जाने की है। आदित्य भगत, मुखिया चुंदरी पंचायत।

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