पीएलएफआइ के पूर्व उग्रवादी को परिवार समेत गोलियों से भूना, दो की मौत; दो गंभीर

संवाद सूत्र,कामडारा (गुमला)। खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ पर बसे टुरुंडू गांव में गुरुवार को घर में घुसकर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के पूर्व उग्रवादी राम विलास गोप व उसके साथी लक्ष्मण लोहरा की गोली माकर हत्या कर दी गई। इस दौरान रामविलास की पत्नी लीलावती देवी व पुत्र तुलसी गोप घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कामडारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां आरंभिक इलाज के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। इस घटना से टुरुंडू एवं आस पास के गांवों मे दहशत है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद रात में ही पुलिस कप्तन अंजनी कुमार झा टुरुंडू पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है।

टुरुंडू गांव पीएलएफआइ का गढ़ रहा है। इसके आस पास के गांव पीएलएफआइ के लिए अभेद किला जैसे हैं। पिछले माह पहाड़ गांव आमटोली में पुलिस व पीएलएफआइ के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें गजू गोप सहित तीन उग्रवादी मारे गए थे और संतोष यादव नामक उग्रवादी घायल होकर गिरफ्तार हुआ था। इस घटना के बाद पीएलएफआइ की चूलें हील गई थी। पीएलएफआइ भेदिया का पता लगाने में जुटा हुआ था।

पीएलएफआइ को शक था कि राम विलास उसके दस्ते का सदस्य था। संगठन की गतिविधियों की जानकारी उसे रहती थी। हो सकता है कि रामविलास गोप की खुफिया रिपोर्ट पर ही पुलिस पहाड़गांव आमटोली पहुंची थी और तीन साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। संभवत: इस कारण से राम विलास गोप की हत्या की गई।

रामविलास गोप पीएलएफआइ का उग्रवादी रहते हुए जेल गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने संगठन से अपना संबंध बिच्छेद कर लिया था। घर बनाकर अपना व्यवसाय चला रहा था। इस घटना को पहाड़ गांव आमटोली मुठभेड़ कांड से जोड़कर देखा जा रहा है। फिर भी पुलिस हत्या के संभावित अन्य कारणों का भी पता लगाने में जुटी हुई है।

 

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