छाती पर कलश रखकर की माता की आराधना

छाती पर कलश रखकर की माता की आराधना
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 07:06 PM (IST) Author: Jagran

पथरगामा : प्रखंड के सोनारचक ग्राम निवासी विनय कुमार भगत पिछले चार वर्षों से शारदीय नवरात्र तक अपनी छाती पर कलश रखकर भगवती की आराधना कर रहे हैं। विनय कुमार भगत की पत्नी सविता देवी ने बताया कि वर्ष 2017 एवं 2018 तक बड़ी दुर्गा मंदिर के बरामदे में छाती पर कलश रखकर मां भगवती की पूजा अर्चना की थी। दो साल के बाद तीसरा वर्ष पूजा कमेटी के लोगों के द्वारा मंदिर परिसर के अंदर छाती पर कलश रखकर पूजा अर्चना करने की अनुमति नहीं दी। योगिनी मंदिर के प्रधान पुजारी आशुतोष बाबा से अनुमति मिलते ही वर्ष 2019 से अब तक मां योगिनी मंदिर बारकोप के बरामदे पर विधिवत पूजा अर्चना के बाद छाती पर कलश रखा गया। सविता देवी ने बताया कि एक पूजा से तुलसी, दुबे की रस व एक चम्मच में थोड़ा शहद मिलाकर दिया जाता है। प्यास महसूस होने पर एक चम्मच गंगाजल भी दिया जाता है। पुत्री ब्यूटी रानी के द्वारा मोबाइल से संपूर्ण दुर्गा पाठ डाउनलोड कर उन्हें सुनाया जाता है उसे सुनकर भक्ति में लीन हो जाते हैं।

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