पावर सबस्टेशन के पास शव दफनाने का विरोध

पावर सबस्टेशन के पास शव दफनाने का विरोध
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 09:23 PM (IST) Author: Jagran

देवरी (गिरिडीह) : प्रखंड अंतर्गत रानीडीह रामपुर गांव स्थित पवार सबस्टेशन के बगल में गुरुवार को रामपुर गांव निवासी सह समाजसेवी अर्जुन रविदास का शव दफनाने का स्थानीय प्रशासन ने विरोध किया। बावजूद शव को वहीं दफना दिया गया। इससे गांव में दो पक्षों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया है। हालांकि प्रशासन के दबाव के कारण बाद में परिजनों ने वहां से शव को निकाल लिया। तनाव को देखते हुए गांव में काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। उक्त स्थल पर शव दफनाने की सूचना मिलने पर बीडीओ इंद्रलाल ओहदार, सीओ सुधीर कुमार थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा दलबल के साथ रामपुर गांव पहुंचे और शव को दफन करनेवालों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने पदाधिकारियों की एक न सुनी। महिलाओं को आगे कर लोग शव को दफनाने लगे। पुलिस अधिकारी सभी को समझाते और गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन इसका असर लोगों पर नहीं पड़ा।

खल रही थी महिला पुलिस की कमी :

पदाधिकारियों के समझाने के बावजूद दर्जनों महिलाएं शव को जबरन दफनाने लगीं। पुलिस महिला बल के अभाव में उन्हें रोक नहीं पाई। पुलिस लाचार होकर देखती रही और शव को दफना दिया गया। ऊपर से झंडा गाड़ महिलाओं ने जय भीम का नारा भी लगाया। इससे दूसरे पक्ष के लोगों में और तनाव बढ़ गया। इसके बाद खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह व एसडीपीओ नवीन कुमार सिंह को वहां पहुंचना पड़ा। इस दौरान एसडीएम व एसडीपीओ ने लोगों को समझाया कि यह श्मशान घाट नहीं है। स्कूल से महज एक गज के भीतर जमीन का मामला बनता है। इसलिए कानून को बल प्रयोग करने के लिए मजबूर मत करें। स्वयं समझ से कम करें। किसी भी कीमत पर प्रशासन कानून को हाथ में नहीं लेने देगा। आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं है। लोगों के नहीं मानने पर अन्य जगहों से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाकर शव को निकाला जाने लगा। इसके बाद परिजनों ने स्वयं शव को निकाला और प्रशासन की देखरेख में सम्मान पूर्वक श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान एसडीएम सिंह ने बताया कि पावर सबस्टेशन के बगल स्थित गैर आबाद जमीन पर शव को जबरन दफना दिया गया था, जिससे शांति भंग होती। इसलिए शांति पूर्वक मृतक के परिजनों ने शव को सम्मान पूर्वक श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार किया। तनाव को देखते हुए गांव में धारा 144 लागू कर दी गई है।

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