-झामुमो ने दिया महाधरना, शहर में निकाला जुलूस

गिरिडीह : गैरमजरूआ जमीन पर सरकार की ओर से प्रतिबंध लगाने का तुगलकी फरमान जारी करने के विरोध में झामुमो ने आंबेडकर चौक पर महाधरना दिया। इसके माध्यम से झामुमो ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। कहा कि उक्त जमीन पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन किया जा रहा है। अब ना तो उक्त जमीन की खरीद बिक्री होगी, ना ही उसकी रसीद ही कटेगी और ना ही उसकी कोई कानूनी मान्यता ही रह जाएगी। जरूरतमंद लोग अब अपनी जमीन ना बेच सकेंगे और ना ही उसपर बैंक से लोन ले पाएंगे। इसके अलावा उसके आधार पर किसी के बच्चों का आवासीय, जाति या आय प्रमाण पत्र ही बन जाएगा। कुल मिलाकर रघुवर सरकार ने इस जनविरोधी कानून लाकर यहां के लोगों का उजाड़ने का पूरा इंतजाम ही कर दिया है। पार्टी के केन्द्रीय महासचिव सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अब लोगों के समक्ष करो या मरो की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य सरकार जब से सत्ता में आई है लगातार लोगों को प्रताड़ित कर यहां की खनिज संपदा लूटने में लगी है। लैंड बैंड एवं अन्य प्रकार से भूमि अधिग्रहण कानून में छेड़छाड़ कर यहां के लोगों की जमीन छीनकर कॉरपोरेट घरानों को देने की योजना पर काम कर रही है। सरकार एवं अधिकारियों के इस जनविरोधी कानून का लोगों को पूरजोर तरीके से विरोध करना होगा। अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस कानून का विरोध करती रहेगी। संचालन जिला सचिव महालाल सोरेन ने किया। धरना के बाद शहर में एक जुलूस निकाला गया जिसमें सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मौके पर जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश महतो, जिला परिषद सदस्य प्रमिला मेहरा, अजीत कुमार पप्पू, शहनवाज अंसारी, कर्मिला टुडू, इरशाद अहमद वारिश, प्रदीप हजरा, गीता हजरा, कोलेश्वर सोरेन, गोपिन मुर्मू, प्रधान मुर्मू, नुनूराम किस्कू, हलधर राय, हरिलाल मरांडी, वीरालाल चौड़े, रसिक चौड़े, दिलीप रजक आदि ने भी संबोधित किया।

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