रिमांड अवधि पूरी होने से पहले ही विकास को भेजा जेल

विसं धनबाद 48 घटे की रिमाड अवधि पूरी होने से पहले ही बैंक मोड़ थाना की पुलिस ने सतीश सिंह हत्याकाड के आरोपी अंबिका पुरम निवासी विकास सिंह को बुधवार की दोपहर 3.30 बजे कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया। इसके पूर्व पुलिस ने विकास सिंह का मेडिकल जाच करवाया। फिर धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव के आदेश पर विकास सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

JagranThu, 29 Jul 2021 04:51 AM (IST)
रिमांड अवधि पूरी होने से पहले ही विकास को भेजा जेल

विसं, धनबाद : 48 घटे की रिमाड अवधि पूरी होने से पहले ही बैंक मोड़ थाना की पुलिस ने सतीश सिंह हत्याकाड के आरोपी अंबिका पुरम निवासी विकास सिंह को बुधवार की दोपहर 3.30 बजे कोर्ट के समक्ष पेश कर दिया। इसके पूर्व पुलिस ने विकास सिंह का मेडिकल जाच करवाया। फिर धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव के आदेश पर विकास सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मंगलवार को पुलिस कोर्ट के आदेश पर विकास सिंह को 48 घटे के पुलिस रिमाड में लेकर गई थी। बैंक मोड़ थाने में एएसपी मनोज स्वर्गीयार व डीएसपी ने विकास से पूछताछ की। विकास से पुलिस ने सतीश गुप्ता उर्फ गाधी के ठिकानों के बारे में पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, विकास ने सतीश हत्याकाड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। विकास पर आरोप है कि भाजपा नेता की हत्या के लिए गाधी को आíथक मदद तथा हथियार विकास सिंह ने ही उपलब्ध कराए थे। यहा तक की हत्या की प्लानिंग भी अपराधियों ने विकास सिंह के घर में बैठकर बनाई थी। यह बात पुलिसिया छानबीन के दौरान आई थी। साइबर अपराधी का हरियाणा पुलिस ने लिया ट्राजिट रिमाड

विसं, धनबाद : गोविंदपुर से धराए साइबर अपराधी आनंद रविदास को हरियाणा के पंचकुला पुलिस ने तीन दिनों के ट्राजिट रिमाड पर लिया है। गोविंदपुर पुलिस के सहयोग से हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को आनंद को उसके आवास कुम्हारडीह से गिरफ्तार किया था। आनंद के विरुद्ध हरियाणा के पंचकूला सेक्टर पांच थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस को दिए बयान में आनंद ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया है कि वह एक फल विक्रेता है, कुछ वर्षो पूर्व उसकी पहचान जामताड़ा के निखिल झिझरीया व तुषार दास से हुई थी। दोनों ने उसे मोटा पैसा कमाने का लालच दिया था। कहा था कि वह केवल ओटीपी मंगाए मोटी रकम की कमाई हो जाएगी। इसी कारण वह इस काम में लग गया था। वर्ष 2015 से ही वह लोगों की ठगी का काम कर रहा था। दो वर्ष पूर्व उसने मनोज रजवार नाम से एक बैंक खाता खोला था, जिसमें निखिल ने 50 हजार रुपए भेजा भी था। पंचकूला निवासी आर्यन महाजन के शिकायत पर पंचकूला में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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