आउटसोर्सिंग कंपनी में मजदूरों का चक्का जाम जारी

संवाद सहयोगी निरसा ईसीएल मुगमा क्षेत्र अंतर्गत चापापुर 10 नंबर ओसीपी में कार्यरत टाइकान इंड कंपनी में बकाया मजदूरी को लेकर दूसरे दिन भी चक्का जाम आंदोलन जारी है।

JagranSun, 19 Sep 2021 07:28 PM (IST)
आउटसोर्सिंग कंपनी में मजदूरों का चक्का जाम जारी

संवाद सहयोगी, निरसा : ईसीएल मुगमा क्षेत्र अंतर्गत चापापुर 10 नंबर ओसीपी में कार्यरत टाइकान इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा मजदूरों का तीन माह का वेतन का भुगतान नहीं किए जाने के विरोध में चक्का जाम आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन रविवार को सुरक्षाकर्मियों के बल पर जबरन कोलियरी को चालू करवाने का प्रयास किया। जिससे आउटसोर्सिंग मजदूर हो एवं ईसीएल के सुरक्षाकर्मियों एवं पदाधिकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मजदूरों के जबरदस्त विरोध के कारण ईसीएल प्रबंधन को अपने पैर पीछे खींचने पड़े। ईसीएल प्रबंधन ने मजदूरों को आश्वस्त किया कि टायकून कंपनी के प्रबंधन के लोग आ रहे हैं आप लोगों के साथ वार्ता के बाद कोलियरी चालू की जाएगी। मजदूर कोलियरी के मुख्य रास्ते पर धरना पर बैठे हुए हैं। मजदूरों का कहना है कि जब तक कंपनी द्वारा बकाए वेतन का भुगतान एवं दुर्गा पूजा के बोनस पर सहमति नहीं बनती काम बंद रहेगा। आउटसोर्सिंग कंपनी में कार्यरत मजदूर देवा मरांडी, संजीत रजक, चंदन मंडल, लखिदर सोरेन, विमल रवानी, करीम अंसारी, विजय कर्मकार इत्यादि ने बताया कि कंपनी द्वारा मार्च माह का 15 दिन के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। और तो और जून माह का भी मात्र 15 दिन का वेतन का भुगतान किया गया है। जुलाई एवं अगस्त माह का पूरे माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में हम लोग कैसे काम कर सकते हैं। काम करने के बाद वेतन नहीं मिलने पर हम लोगों के परिवार के समझ भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दुर्गा पूजा आने वाला है। दुर्गा पूजा में मजदूरों को कितनी राशि बोनस का भुगतान किया जाएगा, इस संबंध में प्रबंधन की तरफ से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। मजबूर होकर हम सभी मजदूरों ने अनिश्चित काल के लिए काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। तीन-तीन माह का वेतन का भुगतान नहीं होने से हम लोगों के परिवार का गुजर-बसर एवं राशन पानी कैसे आएगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

रविवार को ईसीएल प्रबंधन जबरन कोलियरी चालू करवाना चाह रहा था। ईसीएल प्रबंधन को चाहिए कि हम लोगों के बकाए वेतन का भुगतान करवाएं। अगर ईसीएल प्रबंधन इस दिशा में आउटसोर्सिंग कंपनी पर शुरू से ही दबाव बनाती तो हम लोगों के वेतन का भुगतान नियमित होता परंतु ईसीएल प्रबंधन को से कोयला उत्पादन से मतलब है।

मजदूरों का ट्रेड यूनियन से हुआ मोहभंग

चापापुर 10 नंबर ओसीपी में आउटसोर्सिंग कंपनी के अधीन कार्यरत मजदूरों का ट्रेड यूनियन पर से भरोसा उठ चुका है। मजदूरों ने बताया कि हम लोगों ने कई बार ट्रेड यूनियन के नेताओं को बुलाया तथा अपनी समस्याएं बताई। परंतु यूनियन के नेता सिर्फ प्रबंधन के पास जाकर दोनों पक्ष की बात सुनते हैं परंतु हम लोगों के पक्ष में कोई भी कार्रवाई करवाने में सफल नहीं हो पाए। इस बार ट्रेड यूनियन को किनारे कर सिर्फ मजदूरों ने अपने दम पर लड़ाई शुरू की है। इस बार आर-पार की लड़ाई है। या तो प्रबंधक हम लोगों के बकाए वेतन का भुगतान करेगा या कंपनी का काम बंद रहेगा। मजदूरों द्वारा ट्रेड यूनियन के नेताओं को बाइपास पर स्वयं आंदोलन करना मजदूर यूनियन करने वाले नेताओं के लिए आत्ममंथन करने का समय है। मजदूरों के आंदोलन के दूसरे दिन भी किसी भी ट्रेड यूनियन के नेता मजदूरों के आंदोलन के पक्ष में नहीं पहुंचे हैं।

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