JBCCI 11: कोल इंडिया प्रबंधन और इंटक के बीच ठनी, - रेड्डी गुट ने कहा- गुटबाजी पर सवाल गलत

इंटक का काैन सा गुट असली है कौन सा नकली इस पर कांग्रेस पार्टी सवाल उठा सकती है काेल इंडिया नहीं। कांग्रेस ने सवाल नहीं किया ताे प्रबंधन कैसे सवाल अपने मन से खड़ा कर रहा है। अन्य चाराें ट्रेड यूनियन भी जाे मजे कर रहे यह भी नहीं चलेगा।

MritunjayTue, 15 Jun 2021 10:54 AM (IST)
कोयला वेतन समझौते को लेकर कोल इंडिया में प्रक्रिया।

धनबाद, जेएनएन। इंटक इस बार अन्य चाराें केंद्रीय ट्रेड यूनियनाें काे वाक ओवर देने के मूड में नहीं है। रविवार काे काेल इंडिया चेयरमैन से मिले इंटक नेताओं के सुर ताे यही बता रहे हैं। इंटक नेता एके झा की मानें ताे पिछली बार दिल्ली उच्च न्यायालय में मामला फंसा था। लिहाजा हमने कह दिया कि मजदूराें का काम रुकना नहीं चाहिए। लिहाजा हम भले न बैठें लेकिन अन्य चार ट्रेड यूनियनाें के साथ ही समझाैता कर लिया जाए। हमने चाराें केंद्रीय श्रमिक संगठनाें यथा भारतीय मजदूर संघ, हिंद मजदूर सभा, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस व सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन काे भी पत्र लिख कर कह दिया था कि वे बैठक कर काेयला क्षेत्र में राष्ट्रीय वेतन समझाैता-११ पर हस्ताक्षर कर दें और वेतन वृद्धि पर मुहर लगा दें। हमारे नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह भी समझाैतावादी नेता थे लिहाजा उन्हाेंने बड़ा दिल दिखाया। इसका खामियाजा मजदूर आज तक भुगत रहे हैं।

काेयला वेतन समझाैता एक से नाै तक इंटक था ताे हर बार मजदूराें काे नयी-नयी सहूलियतें मिलीं। वेतन समझाैता-१० में हम नहीं रहे ताे प्रबंधन ने अपने हिसाब से जाे मन साे दिया और देने से अधिक सुविधाओं में कटाैती ही की। मजदूराें काे कुछ विशेष नहीं मिला। लिहाजा इस बार हम ऐसा कुछ नहीं करने वाले। झा के मुताबिक प्रबंधन माने या अदालत जाना पड़े लेकिन हम अपना अधिकार ले कर रहेंगे और हमारे साथ जुड़े मजदूराें के अधिकार से किसी काे खिलवाड़ नहीं करने देंगे।

झा ने कहा कि इंटक का काैन सा गुट असली है कौन सा नकली, इस पर कांग्रेस पार्टी सवाल उठा सकती है, काेल इंडिया नहीं। जब कांग्रेस ने काेई सवाल नहीं किया ताे प्रबंधन कैसे सवाल अपने मन से खड़ा कर रहा है। अन्य चाराें ट्रेड यूनियन भी जाे मजे कर रहे यह भी नहीं चलेगा। रविवार काे काेलकाता में इंटक नेताओं ने अपने दिग्गज वकीलाें से कानूनी पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया और अपील की तैयारी कर ली है। देखना है कि प्रबंधन अगला रुख क्या अपनाती है।

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