फोटोग्राफी कला के साथ विज्ञान भी, एक अच्छा फोटो हजार शब्दों से ज्यादा प्रभावी Dhanbad News

धनबाद, जेएनएन। विनोद बिहारी महतो कोयलांचल (BBMKU) के पीजी मास कम्यूनिकेशन के छात्रों के लिए  फोटोग्राफी पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विख्यात फोटोग्राफर और डीजीएमएस के पूर्व डायरेक्टर मुकेश श्रीवास्तव ने छात्रों को फोटोग्राफी की बारीकियों के बारे में बताया।

BBMKU के रिजनल सेंटर में बुधवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान विभिन्न प्रकार के कैमरों, उसके लेंस  आदि से जुड़ी जानकारी छात्रों को दी गई। मुकेश श्रीवास्तव ने फोटोग्राफी के कई आयामों से छात्रों को अवगत कराया। उन्होने कहा कि फोटोग्राफी का महत्व आये दिन बढ़ता जा रहा है। आम पाठक का ध्यान भी अखबार में उस खबर की ओर जाती है, जिसमें फोटोग्राफ हो। उन्होंने फोटोग्राफी के विविध आयामों से छात्रों को परिचय कराते हुए कहा कि अच्छी फोटोग्राफी कालजयी होती है और लंबे समय तक लोगों के जेहन में कैद रहती है।

इस दौरान विश्वविद्यालय के मास कम्यूनिकेशन के विभागाध्यक्ष डा. मंतोष कुमार पांडेय ने कहा कि फोटोग्राफी ही एक ऐसा क्षेत्र जिसकी गिनती कला और विज्ञान दोनों में होती है। फोटोग्राफी कला के साथ-साथ विज्ञान भी है। कला इसलिए कि फोटो खींचने वाले व्यक्ति के सृजन क्षमता पर निर्भर करता है। इसके अंदर जितनी अच्छी सृजनात्मक क्षमता होगी वह उतना ही अच्छा फोटोग्राफर होगा। इसमें तकनीक भी शामिल है। बगैर तकनीक फोटोग्राफी संभव नहीं है। इसलिए यह विज्ञान भी है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा फोटो हजार शब्दों से ज्यादा प्रभावी होता है। विभाग के डा. विकास चंद्र, प्रद्धुम्न चौबे, पवन पाण्डेय, अनिरूद्ध ओझा, कुमार अनिकेत, विकास, भास्कर, सपना, काजल और अनन्या आदि माैजूद थे।

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