CBSE 10th के नतीजे आने के बाद उठने लगे सवाल, छात्र और अभिभावकों ने जीपीएस गोमो में काटा बवाल

गुरुनानक पब्लिक स्कूल गोमो के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को स्कूल में जमकर बवाल किया। छात्रों का गुस्सा इतना अधिक था कि छात्रों को शांत कराने पहुंचे प्रभारी प्राचार्य को भी नहीं बख्शा। उनके साथ भी दुर्व्यवहार कर डाला। बात हाथापाई तक पहुंच गई।

MritunjayWed, 04 Aug 2021 01:59 PM (IST)
गुरुनानक पब्लिक स्कूल गोमो के गेट पर हंगामा करते छात्र और अभिभावक ( फोटो जागरण)।

जागरण संवाददाता धनबाद। कोरोना के कारण इस बार सीबीएसई-10वीं और 12वीं की परीक्षा आयोजित नहीं की गई। बिन परीक्षा की नतीजे घोषित किए गए। इस दाैरान कई विसंगतियां देखने को मिल रही है। स्कूल के कुछ तेज छात्रों को कम नंबर मिले तो कुछ कमजोर को ज्यादा। इस कारण सवाल उठ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन पर आंतरिक मूल्यांकन में मुंह देखकर रिपोर्ट तैयार करने के आरोप लग रहे हैं। सीबीएसई ने मंगलवार को 10वीं के नतीजे जारी किए थे। बुधवार को आंतरिक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए गोमो को गुरुनानक पब्लिक स्कूल में छात्र और अभिभावकों ने बवाल काटा।

प्रभारी प्राचार्य से किया दुर्व्यवहार

गुरुनानक पब्लिक स्कूल गोमो के छात्र-छात्राओं ने स्कूल में जमकर बवाल किया। छात्रों का गुस्सा इतना अधिक था कि छात्रों को शांत कराने पहुंचे प्रभारी प्राचार्य को भी नहीं बख्शा। उनके साथ भी दुर्व्यवहार कर डाला। बात हाथापाई तक पहुंच गई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य सुजीत चक्रवर्ती ने छात्रों को काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन छात्रों ने उनकी एक न सुनी और उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि छात्रों ने उनके साथ हाथापाई तक कर दी। छात्रों के रवैए से नाराज प्रभारी प्राचार्य ने थाने में शिकायत करने की बात कह अपने कक्ष में चले गए और शिक्षकों के साथ बैठक करते हुए छात्रों के खिलाफ FIR कराने की बात कही। 

स्कूल शिक्षकों से ट्यूशन पढ़ने वालों को मिला ज्यादा नंबर

दरअसल सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट मंगलवार को बोर्ड की ओर से जारी किया गया। परिणाम आने के बाद स्कूल के काफी संख्या में छात्रों को निराशा लगी। छात्रों ने जितने अंको की उम्मीद की थी उससे काफी कम अंक उन्हें मिले। छात्रों ने स्कूल पर आरोप लगाया कि स्कूल के शिक्षकों से जिन छात्रों ने ट्यूशन ली थी उनका नंबर काफी बेहतर था। वही जिन छात्रों ने शिक्षकों से ट्यूशन नहीं पढ़ा था उनका नंबर काफी कम आया। छात्रों के इस आरोप के बाद स्कूल प्रबंधन कटघरे में खड़ा हो गया है। इसकी वजह भी छात्र बता रहे हैं कि इस बार दसवीं रिजल्ट के लिए स्कूल को ही आंतरिक मूल्यांकन कर मार्किंग करना था। इसके लिए स्कूल की ओर से सात सदस्ययी कमेटी भी बनाई गई थी जिसमें स्कूल के प्राचार्य के अलावा शिक्षक भी शामिल थे।

विद्यालय ने आरोप को किया खारिज

छात्रों ने कहा कि स्कूल ने हमारा कैरियर बर्बाद कर दिया है। वहीं छात्रों के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए प्रभारी प्राचार्य सुजीत चक्रवर्ती ने कहा कि छात्रों का आरोप गलत है। मूल्यांकन में किसी तरह का कोई पक्षपात नहीं किया गया है।

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