Shriphal Foundation ने पत्रकार चंदन शर्मा को किया सम्मानित

Shriphal Foundation राजस्थान में डूंगरपुर जिला के भीलूड़ा में रविवार को 12 वां श्रीफल पत्रकारिता समारोह का आयोजन किया गया। इसमें दैनिक जागरण की धनबाद इकाई के संपादकीय प्रभारी डाक्टर चंदन शर्मा समेत छह पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

MritunjayMon, 08 Nov 2021 08:24 AM (IST)
जैन मुनि पूज्य सागर महाराज से श्रीफल पुरस्कार प्राप्त करते चंदन शर्मा ( फोटो साैजन्य)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। राजस्थान में डूंगरपुर जिला के भीलूड़ा में रविवार को 12 वां श्रीफल पत्रकारिता समारोह का आयोजन किया गया। इसमें दैनिक जागरण की धनबाद इकाई के संपादकीय प्रभारी डाक्टर चंदन शर्मा समेत छह पत्रकारों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार भी दिया गया। श्रीफल फाउंडेशन द्वारा शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित समारोह में डाक्टर चंदन शर्मा को अभिनंदन सागर स्मृति पुरस्कार, राजस्थान पत्रिका समूह के समूह कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को स्वर्गीय श्री कर्पूरचंद कुलिश स्मृति श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार, दैनिक भास्कर के जयपुर संस्करण के विशेष संवाददाता आनंद चौधरी को अतुल्य सागर स्मृति पुरस्कार, द टाइम्स आफ इंडिया में जयपुर के प्रधान संवाददाता मोहम्मद शोएब खान को चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी सम्मान और दूरदर्शन में दिल्ली के कंटेंट एडवाइजर कुंदन कुमार श्रीवास्तव को भगवान बाहुबली स्मृति पुरस्कार दिया गया।

सम्मानित पत्रकारों को मिला प्रतीक चिह्न और 21 हजार रुपये

राजस्थान में मुख्यमंत्री कार्यालय के जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक तरुण जैन को रत्न अम्मा हेगड़े धर्मस्थल स्मृति पुरस्कार और जैन विद्वान डा. श्रेयांंश जैन को चारित्र चक्रवर्ती शांतिसागर विद्वान पुरस्कार से नवाजा गया। सम्मानित पत्रकारों व जैन विद्वान को प्रतीक चिह्न, 21 हजार रुपये, अभिनंदन पत्र, स्वागत माला तथा श्रीफल दिया गया।

मुनि पूज्य सागर की पुस्तक आत्मिक उत्थान का विमोचन

श्रीफल फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी राजेश शाह, प्रेरणा शाह और उषा खोडनिया ने दीप प्रज्वलित कर सम्मान समारोह की शुरुआत की। जैन मुनि पूज्य सागर महाराज की पुस्तक आत्मिक उत्थान भाग-1 का विमोचन भी हुआ। मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि श्रीफल पुरस्कार एक पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज में संस्कार और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने की सोच रखने वाले व्यक्तियों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। काम, आचरण और दायित्व को समझने वालों का सम्मान है। दायित्व देखा भी जाता है। इसलिए पत्रकारिता के क्षेत्र में यह ऐसा पुरस्कार है, जो बिना प्रविष्टि मंगाए दिया जाता है। नि:स्वार्थ भाव से समाज के लिए काम करनेवाले देशभर के पत्रकारों का मूल्यांकन कर पुरस्कार के लिए चयन किया जाता है।

संत व पत्रकार संयम छोड़ दें तो हर क्षेत्र हो जाएगा अपवित्र

मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि संत और पत्रकार संयम के साथ अपना दायित्व निभाते हैं। संत खुद को संयमी बनाकर समाज में सकारात्मक सोच देते हैं तो पत्रकार अपने मन पर संयम रखते हुए सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र की गंदगी को कलम से उजागर कर समाज को स्वच्छ बनाते हैं। जो ऐसा करता है, वही पत्रकार है। अगर दोनों संयम छोड़ दें तो सभी क्षेत्र अपवित्र हो जाएंगे।

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