Coal India: सिंगरेनीज के कोयला श्रमिक अब 61 साल में होंगे रिटायर...श्रम‍िकों ने की 62 करने की मांग

कोल इंडिया में कोयला श्रमिकों को सेवानिवृत्त की आयु 62 करने की मांग चल ही रही है कि सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड प्रबंधन ने कोयला कामगारों की सेवानिवृत्त आयु सीमा 61 वर्ष कर दी है। सोमवार को एससीलीएल बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में यह फैसला लिया गया।

Atul SinghTue, 27 Jul 2021 11:25 AM (IST)
सोमवार को एससीलीएल बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में यह फैसला लिया गया। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जागरण संवाददाता, धनबाद: कोल इंडिया में कोयला श्रमिकों को सेवानिवृत्त की आयु 62 करने की मांग चल ही रही है कि सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड प्रबंधन ने कोयला कामगारों की सेवानिवृत्त आयु सीमा 61 वर्ष कर दी है। सोमवार को एससीलीएल बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसका लाभ 43800 कोयला श्रमिकों को मिलेगा।

एटक, बीएमएस, एचएमएस, सीटू ने कोयला वेतन समझौता 11 कोल इंडिया के मजदूरों का भी सेवानिवृत्त की आयु 62 साल करने का मांग पत्र में जिक्र किया है। फिलहाल 60 साल सेवानिवृत्त की उम्र तय है। सिंगरेनीज कंपनी में कार्यरत यूनियन के इंटक नेता बी जनक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इसको लेकर कई सालों से मांग हो रही थी। बोर्ड ने इसका पास कर दिया है।

एसीसीएल का 51 प्रतिशत भागीदारी तेलंगाना सरकार की तथा 49 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र सरकार की है। यहां के कोयला श्रमिकों का वेतन समझौता जेबीसीसीआइ के द्वारा ही होता है। कोल इंडिया के गाइड लाइन के तहत काम होती है। एससीसीएल की खदानों से करीब 50 मिलियन टन कोयला का उत्पादन होता है। बोर्ड ने यह भी फैसला लिया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए नौकरियों में 10 फीसदी का आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

वर्जन 

कोयला मजदूरों के साथ हमेशा से भेदभाव होता रहा है। 62 साल सेवानिवृत्त करने की मांग इंटक वेतन समझौता से ही कर रहा है। प्रबंधन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कई स्कीम प्रबंधन ने बंद कर दिया है उसे भी चालू करने की जरूरत है।

-- ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष आरसीएमएस इंटक

कोल इंडिया के मजदूरों को हमेशा से ही धोखा मिला है। समझौता को पूरी तरह से लागू नहीं किया जाता। कोल इंडिया में भी 62 साल सेवानिवृत्त आयुु तुरंत घोषणा होना चाहिए। प्रबंधन इस पर सकारात्मक पहल करें, नहीं तो सीटू आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

-- मानस चटर्जी, संयुक्त महासचिव बीसीकेयू सीटू

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