अभिभावकों से शिक्षण शुल्क मासिक दर पर लेंगे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय

कोरोना महामारी के कारण पूरे एक वर्ष का शैक्षणिक सत्र प्रभावित रहा है।

गैर मान्यता प्राप्त कोई भी निजी विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए पाठ्य पुस्तकों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करेंगे। इसका निर्णय झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने लिया है। एसोसिएशन के जिला सचिव ने कहा कोरोना महामारी के कारण पूरे एक वर्ष का शैक्षणिक सत्र प्रभावित रहा है।

Atul SinghWed, 03 Mar 2021 05:56 PM (IST)

जागरण संवाददाता धनबाद : गैर मान्यता प्राप्त कोई भी निजी विद्यालय शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए पाठ्य पुस्तकों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करेंगे। इसका निर्णय झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने लिया है। एसोसिएशन के जिला सचिव इरफान खान ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पूरे एक वर्ष का शैक्षणिक सत्र प्रभावित रहा है। इसमें अभिभावकों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन को भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब चुकी कक्षा आठवीं से लेकर 12वीं तक विद्यालय संचालन की अनुमति मिली है। ऐसे में एसोसिएशन ने अभिभावकों को लेकर विशेष चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों पर किसी भी तरह का अत्यधिक बोझ नहीं पड़े इसको देखते हुए कई तरह के आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय ने निर्णय लिया है कि किताबों का बदलाव करने से  अभिभावकों पर  अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।  इसलिए किताबों में बदलाव नहीं किया जा रहा है। वही बोर्ड परीक्षा को छोड़कर सभी प्रकार की परीक्षाएं ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। इरफान ने बताया कि  पिछले एक वर्ष के दौरान ऑनलाइन  पढ़ाई कराई गई है और सरकार का गाइडलाइन भी है की बोर्ड परीक्षा को छोड़कर सभी परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाए। केवल इतना ही नहीं गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय सिर्फ शिक्षण शुल्क ही लेंगे। वह भी मासिक दर पर इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं बढ़ेगा और स्कूल को वित्तीय समस्याओं का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

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