Weekly News Round Up: कोल चेयमैन से बोली सड़क, कुंती जीती महाभारत होगी ही, इस मुस्कान में भी राज...पढ़ि‍ए Dhanbad की हलचल

कोल चेयरमैन से बोली सड़क कोयला नगर में बीसीसीएल का मुख्यालय कोयला भवन है। कोयला नगर का विशाल प्रवेश द्वार है। प्रवेश द्वार में प्रवेश से पहले अथवा उसे पार करने के बाद सड़क की दशा ऐसी है मानो उससे रोजाना दुष्कर्म हो रहा हो।

Atul SinghMon, 26 Jul 2021 12:59 PM (IST)
कोयला नगर में बीसीसीएल का मुख्यालय कोयला भवन है। (फाइल फोटो)

अश्विनी रघुवंशी, धनबाद: कोल चेयरमैन से बोली सड़क कोयला नगर में बीसीसीएल का मुख्यालय कोयला भवन है। कोयला नगर का विशाल प्रवेश द्वार है। प्रवेश द्वार में प्रवेश से पहले अथवा उसे पार करने के बाद सड़क की दशा ऐसी है मानो उससे रोजाना दुष्कर्म हो रहा हो। कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल आए तो यह सड़क अपना दुखड़ा दिखा गई। साहब की लक्जरी कार सड़क से गुजरनी थी। इतने गड्ढे थे कि हिचकोलों का जरूर अहसास हो जाता। दनादन सड़क के गड्ढों को भर दिया गया। ऐसा नहीं है कि कोयला भवन जाने वाली राह पर काम नहीं हुआ हो। कोयला भवन के सामने चिकनी सड़क पर माह भर पहले रोलर चल चुका हो। आखिर बिल लेना और देना जो है। नेताजी सुभाष चौक के चारों तरफ सड़क इतनी टूट हुई थी कि थूक पालिस भी नहीं हो पाई। यह सड़क बीसीसीएल की कार्यपद्धति पर बहुत कुछ बोल गई। सुनिए चेयरमैन साहब।

कुंती जीती, महाभारत होगी ही

जनता मजदूर संघ। चंद्रशेखर सिंह प्रधानमंत्री थे तो जनता मजदूर संघ के मुखिया सूर्यदेव सिंह जो चाहते थे, कोल इंडिया में वही होता था। आज भी यह बीसीसीएल का सबसे मजबूत मजदूर संगठन है। सूर्यदेव सिंह का स्वर्गवास हुआ तो उनकी पत्नी कुंती सिंह एवं पुत्र सिद्धार्थ गौतम जनता मजदूर संघ की कमान संभाल ली। सूर्यदेव सिंह के भाई बच्चा सिंह झारखंड के नगर विकास मंत्री रह चुके थे। झरिया से दोबारा चुनाव लडऩे का मौका नहीं मिला तो बात बिगड़ गई। खुद को जनता मजदूर संघ का मुखिया घोषित कर दिया। हरेक इलाके में कुंती गुट और बच्चा गुट की छोटी-छोटी इकाइयों का गठन हो गया। वर्चस्व की लड़ाई भी हुई। सात सालों तक श्रम न्यायालय में भी मुकदमा चला। अंतत कुंती सिंह की जीत हुई। इस फैसले के खिलाफ देवर बच्चा सिंह हाईकोर्ट जाने की घोषणा कर चुके हैैं। और महाभारत बाकी है।

इस मुस्कान में भी राज

भाजपा विधायक राज सिन्हा के करीबी सतीश सिंह को मटकुरिया में मारा गया था। दिनदहाड़े। चार लोग बाइक से आए। सतीश पैदल गुजर रहे थे कि दिमाग खोल दिया। सबकी आंखें नम थी। पुलिस दबाव में थी। पुलिस ने अनुसंधान किया तो मास्टर माइंड के नाते जयप्रकाश नगर के विकास सिंह का नाम सामने आया। विकास ने सतीश सिंह से पांच लाख रुपये मांग थे। सतीश ने विकास की धमकी की परवाह नहीं की तो खेला हो गया। ये वही विकास सिंह है जिसका नाम बुंदेला बस के मालिक की हत्या में आया था। बुंदेला मर्डर केस के बाद धनबाद बस पड़ाव में जो भी बसें आती है, उन्हें हरी झंडी विकास ही देता रहा है। खैर, उसे पुलिस को पकड़ नहीं पाई। न्यायालय से अग्रिम जमानत भी नहीं मिली। विकास ने न्यायालय में सरेंडर किया। मुस्कुराते हुए। मुस्कान में कुछ राज तो है।

विधायकों की कुलपति की राम-राम

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के भेलाटांड़ में नवनिर्मित आधे-अधूरे भवन का राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उदघाटन कराया गया। कुल लागत 348 करोड़। उदघाटन पट्टिïका पर भाजपा सांसद पीएन सिंह, धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा और कुलपति अंजनी कुमार श्रीवास्तव का नाम दर्ज किया गया। भेलाटांड़ सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में आता है। वहां के भाजपा विधायक इंद्रजीत महतो का नाम उदघाटन पट्टिïका से गायब। इंद्रजीत महतो को कोरोना है। तीन महीने से हैदराबाद में इलाजरत है। उनके निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रति बेरुखी दिखाई गई तो बवाल तय था। हुआ भी। कुलपति ने विधायक पत्नी तारा देवी को मनाने का प्रयास किया। तारा देवी समझ गई कि पति के इलाजरत रहने तक वे जनता के बीच नहीं रही तो खेला होता रहेगा। सद्बुद्धि आई। झामुमो के इकलौते विधायक मथुरा महतो भी इस कार्यक्रम से दूर रहे। कुछ तो दर्द है।

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