2017 से पुरस्कार वितरण समारोह का नहीं हुआ आयोजन; डीजीएमएस की व्‍यवस्‍था पड़ी श‍िथ‍िल

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के खान सुरक्षा महानिदेशालय द्वारा निजी व सरकारी खान को बेहतरी करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसमें वैसे खनन परियोजना को चूना जाता है जो खनन के क्षेत्र में व शून्य दुर्घटना व खनन नियमों के पालन करते हैं।

Atul SinghThu, 29 Jul 2021 11:38 AM (IST)
खनन के क्षेत्र में व शून्य दुर्घटना व खनन नियमों के पालन करते हैं। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जागरण संवाददाता , धनबाद: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के खान सुरक्षा महानिदेशालय द्वारा निजी व सरकारी खान को बेहतरी करने के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसमें वैसे खनन परियोजना को चूना जाता है जो खनन के क्षेत्र में व शून्य दुर्घटना व खनन नियमों के पालन करते हैं। वैसे खनन परियोजनाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार से नवाजा जाता है। पुरस्कार वितरण दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के द्वारा दिया जाता है। इसमें कोयला, मेटल, गोल्ड, आयरन व आयल आदि कंपनियों हिस्सा लेती है। 2017 से पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नहीं हुआ है। राष्ट्रीय खान सुरक्षा पुरस्कार कमेटी ने 2017 सेे 2019 तक के आवेदन पर सत्यापन करते हुए चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 2017 से 2019 के बीच शून्य खान दुर्घटना और सुरक्षा मापदंड में बेहतर काम करने के लिए बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की कई खदानों को चुना गया है। 18 सदस्य टीम इसका चयन करती है। कमेटी के चेयरमैन डीजीएमएस के डीजी होते हैं। हर साल 38 खदानों को चयन किया जाता है। जिसमें 17 विजेता व 17 उपविजेता की श्रैणी में आता है। बताया जाता है कि इस दौरान बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल की खदानें भी पुरस्कार की सूची में शामिल है। जिन्होंने सुरक्षा मापदंडों में बेहतर काम किया है। 2020 के लिए 425 आवेदन आए है। अध्यक्षता डीजी प्रभात कुमार करते हैं। जबकि सदस्य के रूप में बीसीसीएल के तकनीकी निदेशक चंचल गोस्वामी, एसइसीएल के डीटी मनोज कुमार, डीजीएमएस के निदेशक विनीत कुमार,टाटा स्टील के जीएम संजय राजोरिया, यूनियन की ओर से एबीकेएमएस नरेंद्र कुमार सिंह, एनएफआइटीयूू दीपक जायसवाल, आल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन से जीके श्रीवास्तव,एटक विनोद मिश्रा शामिल है।

बताया जाता है कि डीजीएमएस प्रबंधन 2017 से लेकर 2020 तक कार्यक्रम एक साथ कराने का विचार कर रही है। चूंकि 2015-2016 का कार्यक्रम भी तीन साल बाद 16 दिसंबर 2019 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। बताया जाता है कि विलंब होने के कई कारण है।

कब कितना आया आवेदन 

2017 - 315 पुरस्कार के लिए चयन फाइनल

2018 - 223 पुरस्कार के लिए चयन फाइनल

2019 - 470 पुरस्कार के लिए चयन फाइनल

2020 - 425 पुरस्कार के बुधवार का फाइनल बैठक

कोयला खान दुर्घटना

साल घटना मौत

2017 61 61

2018 49 62

2019 51 55

2020 45 48

2021 16 17 (जून तक की रिपोर्ट)

वर्जन 

कोरोना के कारण दो साल लेट होना भी एक कारण है। कमेटी का प्रयास है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार समिति की बैठक नियमित हो और चयन की प्रक्रिया जल्दी किया जाए। पुरस्कार वितरण राष्ट्रपति के द्वारा होता है। समय लिया जा रहा है।

 जीके श्रीवास्तव, पुरस्कार समिति के सदस्य

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