Lockdown Again: झारखंड में 22 से 29 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन, धनबाद के राजनीतिक दलों ने किया स्वागत

झारखंड में लॉकडाउन की तैयारी ( फाइल फोटो)।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए राज्य सरकार झारखंड में लॉकडाउन लगाने की तैयारी कर रही है। इसके समर्थन में सत्ता और विपक्ष दोनों के नेता साथ हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों का मानना है कि कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन बहुत ही जरूरी है।

MritunjayTue, 20 Apr 2021 01:49 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण की चेन को रोकने के लिए झारखंड में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। यह निर्णय मंगलवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। लॉकडाउन को झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का नाम दिया है। इस फैसले का धनबाद के राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। लॉकडाउन को कोरोना की चेन तो तोड़ने के लिए आवश्यक बताया है।

लॉक डाउन का भाजपा नेताओं ने किया स्वागत, कहा- व्यवस्था भी सुधरे

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में फिर से 29 अप्रैल तक लॉक डाउन की घोषणा की है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने भी इसका स्वागत किया है। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि लॉकडाउन का फैसला ठीक ही है। जिस तरह से कोरोना का मामला बढ़ा है। यह जरूरी हो गया था। लोग भी इस मन: स्थिति में आ गए थे और बाहर निकलना कम कर दिया था। इसलिए सरकार ने ठीक ही फैसला लिया है। लोगों को इसका पालन करना चाहिए और शारीरिक दूरी कार्य स्थलों पर भी बनाए रखना चाहिए।

अपर्णा ने कहा, सही फैसला

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने भी सरकार के फैसले को सही करार दिया है। लेकिन कहा कि यदि अस्पतालों की व्यवस्था नहीं सुधारी तो इस लॉक डाउन का कोई फायदा नहीं होगा। अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल रहा है। इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। इन सबकी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। तभी लॉक डाउन का भी फायदा है। लॉक डाउन से कोरोना का चेन टूटेगा और नए मामलों में कमी आएगी। इसका सख्ती से अनुपालन हो और आम आदमी को कोई कष्ट ना हो। उनकी जरूरतें पूरी होती रहें इसका भी ध्यान सरकार को रखना होगा।कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए राज्य सरकार झारखंड में लॉकडाउन लगाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में सत्ता और विपक्ष दोनों समर्थन में खड़ी हैं। पक्ष और विपक्ष दोनों का मानना है कि कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए लॉकडाउन बहुत ही जरूरी है।

लॉकडाउन बहुत जरूरी था

झामुमो व्यवसायिक प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि लॉकडाउन से व्यवसायिक गतिविधियों पर असर तो पड़ेगा। लेकिन जिंदगी बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन बहुत ही जरूरी है ताकि लोग घरों में रहे और कोरोना के बढ़ते चयन को ब्रेक किया जा सके। 

राजनीति से ऊपर उठकर सोचने और करने की जरूरत

कांग्रेस व्यावसायिक मोर्चा के नेता प्रभात सुरोलिया ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकना प्राथमिकता है। ऐसे में जरूरी है कि लॉकडाउन लगाया जाए। सरकार लॉकडाउन लगाती है तो वह अपनी ओर से पूरा समर्थन करेंगे। जनता दल यू के जिला अध्यक्ष पिंटू कुमार सिंह ने सरकार के लॉक डाउन लगाने के संभावित फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में राजनीति से ऊपर उठकर लोगों की सुरक्षा के लिए सोचना आज सभी राजनीतिक दलों का धर्म है। लोगों की रक्षा के लिए जो जरूरी हो वह कदम सरकार यदि उठाती है तो जनता दल यू पूरी तरह से सरकार के साथ है।

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