West Bengal में सर्वसुलभ नहीं कोरोना का टीका, लाभ उठाने के लिए झारखंड की सीमा लांघ रही जनता

पश्चिम बंगाल के दूर दराज इलाकों में कोरोना वैक्सीन का टोटा है। आम लोगों को आसानी से कोरोना का टीका नहीं मिल रहा है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग झारखंड में प्रवेश कर टीका ले रहे हैं। यहां टीका आसानी से मिल जा रहा है।

MritunjayTue, 07 Sep 2021 12:00 PM (IST)
पश्चिम बंगाल के लोग झारखंड में ले रहे कोरोना का टीका ( सांकेतिक फोटो)।

जागरण संवाददाता, बोकारो। पश्चिम बंगाल के दूर-दराज इलाकों में कोरोना वैक्सीन आसानी से नहीं मिल रही है। कोरोना का टीका लेने के लिए जनता परेशान है। दूसरी तरफ झारखंड में आसानी से टीका मिल रहा है। इसे देखते हुए पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन सीमा लांघ कर टीका लेने के लिए झारखंड में प्रवेश कर रहे हैं। अकेले झारखंड के बोकारो में ही हर रोज एक से चार हजार लोग टीका लेने के लिए पश्चिम बंगाल से आ रहे हैं। लेकिन झारखंड सरकार चाह कर भी दूसरे राज्य के लोगों को टीका लेने से नहीं रोक पा रही है। क्योंकि टीका केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही है। केंद्र का टीका होने के कारण देश का  हर नागरिक कहीं भी जाकर टीका लेने के लिए स्वतंत्र है। 

झारखंड में आसानी से मिल रहा टीका

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच झारखंड में वैक्सीनेशन का काम जोरशोर से जारी है। इधर, झारखंड के सीमावर्ती इलाके बंगाल में टीकाकरण की सुस्ती की वजह से बंगाल के पुरुलिया, रघुनाथपुर, पाड़ा, संथालीडीह, काशीपुर सहित अन्य इलाके लोग बोकारो तथा चंदनकियारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण को पहुंच रहे हैैं। जिस कारण यहां के केंद्रों में अच्छी खासी भीड़ हो रही है। वीरखाम, भोजुडीह, मुर्गातल और मिर्धा अंतरराज्यीय चेकनाका से हजारों की संख्या में बंगाल के लोग बोकारो पहुंचकर टीकाकरण करा रहे हैैं। अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन तीन से चार हजार लोग बंगाल से बोकारो पहुंचकर टीका लगाते हैैं। बोकारो पहुंच रहे बंगाल के लोगों के मुताबिक वहां वैक्सीन लगाने के लिए ढेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जबकि इसके मुकाबले झारखंड में टीकाकरण सहज और सुलभ है। इन लोगों को बोकारो शहर या चंदनकियारी की दूरी काफी कम तय करनी पड़ रही है। यही नहीं बोकारो जिला आने हर किसी को वैक्सीन दी जा रही है। यहां पर बिना लंबे इंतजार के वैक्सीन लग रहे हैैं।

पहले राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों के लोगों के टीकारण पर लगाई थी रोक

18+ के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को टीका का खर्च मुहैया कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद देश में खूब राजनीति हुई। झारखंड में 18+ के लिए टीकाकरण शुरू हुआ तो सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के लाभुक यहां आने लगें। इसके बाद झारखंड सरकार ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर दूसरे राज्यों के लोगों के टीकाकरण पर रोक लगी दी। टीका पर राजनीति होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र द्वारा सभी राज्यों को मुफ्त में टीका उपलब्ध कराने की घोषणा की। अब सभी राज्यों को केंद्र सरकार की टीका मुहैया करा रही है। इसलिए एक राज्य सरकार दूसरे राज्य के नागरिक को टीका लेने से नहीं रोक सकती। यही कारण है कि पश्चिम बंगाल से झारखंड के सीमवर्ती जिले बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़ आदि में बड़ी संख्या में लोग प्रवेश कर टीका ले रहे हैं। झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो गठबंधन की सरकार चल रही है तो पश्चिम बंगाल में ममता के नेतृत्व में टीएमसी की। जबकि केंद्र में दोनों दलों की विरोधी पार्टी भाजपा की सरकार है। 

कोरोना नियमों की उड़ रही धज्जियां

सेक्टर-पांच पुस्तकालय मैदान में बनाए गए टीकाकरण केंद्र में टीका लगाने को लेकर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस भीड़ ने कोरोना गाइडलाइन की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा रखी हैै। टीकाकरण कराने पहुंचे लोग कोरोना को ही आमंत्रित करने लगे हैं। सभी लोग बेपरवाह और लापरवाह होकर पुस्तकालय मैदान में बड़ी संख्या में जुट रहे हैं।

 

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