SAIL: सेलकर्मियों के पे रिवीजन पर 18 मई को एनजेसीएस की बैठक, बड़ा सवाल-क्या होगा समझाैता ?

सेल का बोकारो स्टील प्लांट ( फाइल फोटो)।

Steel Authority of India Limited महारत्न कंपनी सेल में पांच श्रमिक संगठन मिलकर पांच साल में पे रिवीजन के पांच मसले को आज तक नही सुलझा सकी। इस मुद्दे पर 18 मई को प्रबंधन व यूनियन फिर से आमने -सामने बैठेंगी।

MritunjayWed, 12 May 2021 05:56 PM (IST)

बोकारो, जेएनएन। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सेल कामगारों के वेतन पुनरीक्षण पर प्रबंधन व एनजेसीएस की 18 मई को ऑनलाइन बैठक होगी। बैठक में सेल चेयरमैन सोमा मंडल के अलावा पांचों सेंट्रल यूनियन के नेता शामिल होंगे। नई दिल्ली में कोरोना के बढ़ते हालात को देखते हुए मीटिंग फिजिकल के बजाए ऑनलाइन रखी गई है। इस बीच एनजेसीएस के नेता 18 मई की बैठक में वेतन मसौदे पर कोई ठोस निर्णय लेने की तैयारी में है। जिससे आगामी 31 मई को होने वाली सेल बोर्ड की मीटिंग में रिवीजन का प्रस्ताव पास हो जाए। इधर अधिकारियों का संगठन सेफी भी इस प्रयास में जुट गई है कि यदि कर्मचारियों के पे रिवीजन पर 18 मई की बैठक फिर से बेनतीजा होती है तो वे अफसरों के रिवीजन के लिए प्रस्ताव की मंजूरी सेल बोर्ड से ले ले। इसके लिए जल्द ही वे सेफी काउंसिल की बैठक करने वाले है। सेल मुख्यालय 31 मई को कंपनी के साल 2020-21 का वार्षिक वित्तीय परिणाम जारी करने का निर्णय ली है। इसलिए वह भी चाह रही है की कंपनी के सालाना मुनाफा को देखते हुए पे रिवीजन पर समझौता किया जाए।

पांच यूनियन से पांच साल में नही सुलझ सका पे रिवीजन का मसला

महारत्न कंपनी सेल में पांच श्रमिक संगठन मिलकर पांच साल में पे रिवीजन के पांच मसले को आज तक नही सुलझा सकी। 18 मई की बैठक में प्रबंधन व यूनियन फिर से इसी मसले पर आमने -सामने। इनमें पहला मसला एमबीजी का तो शेष अन्य चार पर्क्स, पेंशन अंशदान, बकाया एरियर का भुगतान व पे रिवीजन की अवधि का है। हालांकि एनजेसीएस में शामिल सीटू को छोड़ अन्य चार यूनियन पे रिवीजन पांच के बजाए दस साल के अवधि पर करने के लिए तैयार है। लेकिन जब तक पांचों यूनियन की सहमति सभी मसलों पर नही बन जाती तब तक प्रबंधन यू ही बैठक बुलाती रहेगी और श्रमिक संगठन पे रिवीजन पर होमवर्क करते रहेंगे। मालूम हो की पे रिवीजन पर एनजेसीएस की पिछली बैठक में प्रबंधन एजमीबी के मद में 11 फीसद राशि देने को तैयार थी लेकिन यूनियन प्रतिनिधि 15 फीसद एमजीबी व 35 फीसद पर्क्स से कम लेने को तैयार नही थे। इसलिए मामला बिगड़ गया। सेल में अधिकारी-कर्मचारी दोनों का पे रिवीजन एक जनवरी 2017 से लंबित है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.