गोविदपुर सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से नवजात की मौत

गोविदपुर सीएचसी स्थित प्रसव गृह में प्रसव करवाने आई एक महिला मीना देवी के नवजात की मौत हो गई।

JagranPublish:Mon, 29 Nov 2021 07:36 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 07:36 PM (IST)
गोविदपुर सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से नवजात की मौत
गोविदपुर सीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से नवजात की मौत

संवाद सहयोगी, गोविदपुर : गोविदपुर सीएचसी स्थित प्रसव गृह में प्रसव करवाने आई एक महिला मीना देवी को सोमवार को हिमोग्लोबिन जांच व कागजी खानापूर्ति के नाम पर प्रसव गृह से बाहर कर दिया गया। महिला ने प्रसव गृह के बाहर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही शिशु को जन्म दे दिया और फिर वह बेहोश हो गई। इसकी जानकारी जब स्वास्थ्य कर्मियों को मिली तो हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में जच्चा व बच्चा को प्रसूति गृह ले जाया गया जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।

पूर्वी टुंडी प्रखंड के रूपन पंचायत अंतर्गत टेसराटांड़ गांव निवासी अमल कर्मकार की 24 वर्षीय पत्नी मीना देवी प्रसव पीड़ा से परेशान थी। उसकी देखरेख रूपन पंचायत की सहिया सामुनी सोरेन कर रही थी। प्रसव के अंतिम समय से 10 दिन पूर्व मीना गोविदपुर प्रखंड के कौआबांध स्थित अपने पिता सपन कर्मकार के घर मायके चली आई थी। सोमवार की सुबह से ही मीना को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसकी सूचना उसने टेसराटांड़ स्थित अपने पति को दी।

सूचना मिलते ही उसका पति टेसराटांड़ की सहिया व कुछ अन्य रिश्तेदार के साथ गोविदपुर सीएचसी स्थित प्रसूति गृह पहुंचा और ममता वाहन (एंबुलेंस) देने का आग्रह किया। काफी देर तक जब ममता वाहन नहीं मिला तो थक-हार कर प्रसूता को कौवाबांध से आटो से ही सीएचसी लाया गया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही मीणा को पूर्वी टुंडी से आई सहिया सामुनी सोरेन प्रसूति गृह ले गई। हिमोग्लोबिन जांच का हवाला देते हुए प्रसूति गृह से मीना को बाहर निकाल दिया गया। काफी आरजू मिन्नत के बाद भी दर्द से तड़प रही मीना पर किसी को तरस नहीं आया।

सहिया सामुनी सोरेन मीना को लेकर चिकित्सक से कागज बनवाने जा ही रही थी कि रास्ते में ही मीना ने शिशु को जन्म दे दिया। इसके बाद मीना वहीं बेहोश हो गई। यह देख सीएचसी में मौजूद चिकित्सा कर्मी व अन्य स्तब्ध रह गए। जल्दबाजी में मीना व उसके नवजात बच्चे को प्रसूति गृह ले जाया गया। लेकिन नवजात की मौत हो गई थी। एक लड़की के बाद मीना का यह दूसरा प्रसव था। शाम करीब चार बजे मीना को मृत नवजात के साथ प्रसूति गृह से डिस्चार्ज कर दिया गया। पीड़िता के स्वजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएचसी कर्मियों की लापरवाही के कारण प्रसव गृह के बाहर मीना ने बच्चे को जन्म दिया। ना तो समय पर उसे लाने के लिए ममता वाहन मिल सका और ना ही उसका समय पर उपचार किया गया।

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वर्जन :

गर्भवती का कहीं और इलाज करवाया गया था। स्थिति बिगड़ जाने के बाद उसे सीएससी लाया गया था। महिला को उल्टी और दस्त की टेंडेंसी थी जिसके कारण सीएचसी में प्रसूता ने बच्चे को जन्म दे दिया। यहां मृत बच्चे को ही जन्म दिया था।

डा. राहुल कुमार, चिकित्सा प्रभारी, गोविदपुर