नए अंडरपास के लिए धनबाद के गया पुल का सर्वे करेगी RITES, बड़ा सवाल-क्या निकलेगा जाम का रास्ता

धनबाद रेलवे स्टेशन से लगा गया पुल। यह पुल रेल लाइन के उत्तर और दक्षिण धनबाद को जोड़ने को मुख्य माध्यम है। यहां रोज-रोज का जाम शहर की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। दो दशक बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

MritunjaySat, 28 Aug 2021 07:44 AM (IST)
जाम के विरोध में प्रदर्शन करते वासेपुर के लोग और धनबाद का गया पुल ( फोटो जागरण)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक रांगाटांड़ गया पुल के नीचे से एक और अंडरपास बनाने के सुझाव पर रेलवे ने अमल शुरू कर दिया है। धनबाद रेल मंडल की ओर से रेलवे की तकनीकी विंग राइट्स ( RITES, Rail India Technical And Economic Service) से की गई बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि अगले हफ्ते राइट्स कोलकाता की टीम धनबाद आएगी। टीम में शामिल विशेषज्ञ जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में गया पुल का फिजिबिलिटी सर्वे करेगी। राइट्स की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर धनबाद शहर को जाम से मुक्ति कब मिलेगी? दो दशक से सिर्फ बैठक, सर्वे और राज्य सरकार के बजट में आरओबी निर्माण की घोषणा होती रही है। अब तक नतीजा सिफर है। 

नए अंडरपास की तलाशी जा रही संभावना

21 अगस्त को धनबाद डीसी संदीप सिंह के साथ डीआरएम समेत तमाम रेल अधिकारी और राज्य सरकार के अन्य विभागों के साथ बैठक हुई थी। उस बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने रेलवे से कहा था के गया पुल के नीचे से एक और अंडरपास निर्माण का डीपीआर रेलवे उपलब्ध कराए। रेलवे से डीपीआर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद रेलवे ने राइट्स से बातचीत की और गया पुल के संबंध में विस्तृत चर्चा भी की। रेलवे से बातचीत में राइट्स की टीम ने अगले हफ्ते धनबाद आकर मौजूदा अंडरपास के बगल में नए अंडरपास निर्माण की संभावना तलाशने की बात कही है। 

रांगाटांड़ दुर्गा मंडप के पास से हो सकता है दूसरे अंडरपास का निर्माण

गया पुल को लेकर अब तक चौड़ीकरण की ही बात चल रही थी। दर्जनों बार हुई बैठकों में चौड़ीकरण पर ही चर्चा होती रही है। पहली बार पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने चौड़ीकरण के बजाय मौजूदा अंडरपास के बगल में एक और अंडरपास का प्रस्ताव दिया है। नए अंडरपास रांगाटांड़ दुर्गा मंडप के पास से बनाया जा सकता है। इसे लेकर पूर्व में भी स्थल निरीक्षण हो चुका है। दुर्गा मंडप के पास से अंडरपास निर्माण के दौरान कुछ भवन तोड़कर हटाने होंगे। 

जिला प्रशासन चाहती है रेलवे ही कराए अंडरपास निर्माण

जिला प्रशासन चाहती है कि गया पुल के नीचे नए अंडरपास का निर्माण रेलवे ही कराए। इसके एवज में उसके निर्माण का खर्च राज्य सरकार रेलवे को सौंप देगी। अगर रेलवे इसके लिए राजी हो जाती है तो राज्य सरकार को अंडरपास निर्माण के लिए जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। रेलवे के पास अंडरपास निर्माण की सारी आधारभूत संरचना उपलब्ध है। कम समय में अंडरपास का निर्माण रेलवे आसानी से कर देगी। पहले भी इस काम की जिम्मेदारी रेलवे को ही सौंपने पर सहमति बनी थी। यह भी तय हुआ कि अंडरपास का खर्च डीएमएफटी फंड से होगा। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय राइट्स की रिपोर्ट के बाद ही होगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.