Dhanbad: पुतले लाख जलाकर भी खुद से खुद हारोगे लोगों, नारायणी साहित्य अकादमी की ओर से कवि गोष्ठी का आयोजन

कोयलानगर अतिथि गृह में नारायणी साहित्य अकादमी और साहित्य विचार मंच की संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के मिल्टन पार्थसारथी उपस्थित हुए। मिल्टन को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर काम करने के लिए सम्मानित किया गया।

Atul SinghTue, 30 Nov 2021 02:58 PM (IST)
नारायणी साहित्य अकादमी और साहित्य विचार मंच की संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया।

जागरण संवाददाता, धनबाद : कोयलानगर अतिथि गृह में नारायणी साहित्य अकादमी और साहित्य विचार मंच की संयुक्त गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के मिल्टन पार्थसारथी उपस्थित हुए। मिल्टन को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर काम करने के लिए सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि गुरुग्राम से पधारे साहित्य विचार मंच के संस्थापक राजपाल यादव थे।

मंजू शरण ने शानदार सरस्वती वंदना सुनाकर कार्यक्रम का आगाज़ किया। रामचंद्र मिश्र ने सारगर्भित कविता 'तुम इस तरह प्रवेश करो मेरे अंतस में कि मैं तुम हो जाऊं', राजपाल यादव ने 'पुतले लाख जलाकर भी खुद से खुद हारोगे लोगों' सुनाई। प्रीति कर्ण ने 'हम हवा को केवल हवा और नदी को नदी समझ कर मौन हैं' जैसी उम्दा कविता सुनाई तो स्नेह प्रभा ने पर्यावरण दोहा 'काट दिए सब पेड़ को, किए सब अवरुध्द। सांस - सांस से लड़ रहे होते हो क्यों क्रुद्ध 'सुनाई तो सुधा मिश्र ने' भागते रहो लक्ष्य के पीछे' और शालिनी झा ने' मैं हार नहीं मानूंगी, लाख मिले दुत्कार 'जैसी नारी सशक्तिकरण की कविताएँ सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कृष्ण देव ने शानदार ओज कविता सुना कर खूब वाहवाही लूटी। रत्ना वर्मा ने प्रकृति आधारित गीत सुनाया तो मनोज बरनवाल ने' है वतन अपना निराला ' जैसा मनभावन गीत सुनाया। वरिष्ठ कवि कृष्ण मनु ने मज़दूरों की व्यथा कथा पर अपनी रचना सुनाई। कविता विकास ने अपनी ग़ज़ल 'बढ़ न पाए सियासत अँधेरों की अब, जुगनुओं की हिफाज़त किया कीजिए' पर खूब वाहवाही बटोरी। अनिल अनलहातु, मीतू सिन्हा, चित्तरंजन गोप और राजेंद्र पासवान ने भी बेहतरीन कविताएँ सुनाईं। मिल्टन पार्थसारथी ने कार्यक्रम की प्रशंसा की और आने वाले समय मे ऐसे कार्य हेतु हर तरह का सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। अध्यक्षीय भाषण देते हुए मनमोहन पाठक ने धनबाद के इन रचनाकारों की अथाह प्रतिभा को समाज के सामने लाने के लिए नारायणी साहित्य अकादमी के इस प्रयास की खूब सराहना की। इस अवसर पर सर्वसम्मति से साहित्य विचार मंच को नारायणी अकादमी में विलय कर दिया गया।नारायणी अकादमी की प्रांतीय अध्यक्ष डॉ कविता विकास ने कहा कि नारायणी प्रांत की सबसे बड़ी अकादमी होने के साथ अपनी पारदर्शिता के कारण अपने अस्तित्व में वर्षों से बनी हुई है। इससे जुड़े साहित्यकार साहित्य से जुड़े हर आयोजन में उत्साह से हिस्सा लेते हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता मनमोहन पाठक ने की। दिलीप सिंह के संयोजन में डाॅ. कविता विकास ने मंच संचालन किया।

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