अब मेडिकल कालेज में विशेषज्ञ बन पाएंगे सामान्य MBBS के चिकित्सक, मेडिकल कालेज में सर्टिफिकेट डिप्लोमा की पढ़ाई की तैयारी

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में अब सामान्य एमबीबीएस के चिकित्सक विशेषज्ञ बन पाएंगे। इसके लिए सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई की जाएगी। यह पढ़ाई पीजी अथवा डीएनबी कोर्स के समतुल्य होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव कालेज प्रबंधन ने मुख्यालय को प्रेषित किया है।

Atul SinghFri, 24 Sep 2021 11:50 AM (IST)
इसके लिए सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई की जाएगी।

मोहन गोप, धनबाद: शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में अब सामान्य एमबीबीएस के चिकित्सक विशेषज्ञ बन पाएंगे। इसके लिए सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई की जाएगी। यह पढ़ाई पीजी अथवा डीएनबी कोर्स के समतुल्य होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव कालेज प्रबंधन ने मुख्यालय को प्रेषित किया है। मेडिकल कालेज में यह कोशिश इस वर्ष से शुरू की गई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरुण कुमार वर्णवाल ने बताया कि सर्टिफिकेट डिप्लोमा की मान्यता होती है। इस कोर्स के लिए कई संसाधनों का पालन करना होता है। इसके लिए अस्पताल में लगभग 90 प्रतिशत संसाधन पूर्ण है। हालांकि वर्तमान में चिकित्सकों और शिक्षकों की कमी है। इस महीने तक बहाली की प्रक्रिया से पूरी हो सकती है।

3 वर्ष का होता है सर्टिफिकेट कोर्स

सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स 3 वर्ष का होता है। सामान्य एमबीबीएस करने के बाद कई चिकित्सक पीजी की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। जो पीजी की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं, वह डीएनबी करते हैं। लेकिन कई ऐसे भी एमबीबीएस चिकित्सक रह जाते हैं, जो डीएनबी भी नहीं कर पाते हैं। उन्हें कोई कालेज नहीं मिल पाता है। ऐसे में इस तरह के शिक्षकों के लिए डिप्लोमा कोर्स बेहद कारगर साबित होता है। इस कोर्स को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया अब नेशनल मेडिकल कमिशन मान्यता प्रदान करता है।

विभिन्न प्रकार के विषयों की हो पाएगी पढ़ाई

डिप्लोमा कोर्स के लिए मेडिकल कालेज में मान्यता मिलने के बाद विभिन्न प्रकार के पढ़ाई हो सकती है। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, नाक कान व गला, नेत्र रोग, चर्म रोग सहित अन्य विभागों की पढ़ाई हो पाएगी। फिलहाल पीजी की पढ़ाई केवल रिम्स रांची और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में कुछ विषयों में हो पाती है।

2013 से प्रयासरत लेकिन नहीं मिली पीजी की मान्यता

मेडिकल कालेज वर्ष 2013 से पीजी की पढ़ाई पढ़ाई को लेकर कोशिश कर रहा है। लेकिन पीजी के लिए उपयुक्त संसाधन नहीं होने के कारण एमसीआई ने मान्यता नहीं दिया था। यही वजह है कि अब मेडिकल कालेज प्रबंधन डिप्लोमा कोर्स के लिए नए सिरे से तैयारी शुरू कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में मुख्यालय रांची को जानकारी भेजी है। साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का ब्यौरा भी भेजा है।

कोट

मेडिकल कालेज में डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा होने से डॉक्टर प्रशिक्षित और विशेषज्ञ बनेंगे। इसे झारखंड में विशेषज्ञों की कमी भी पूरी हो सकती है।

डॉ अरुण कुमार वर्णवाल, अधीक्षक

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.