चार दिन से पेयजल के लिए तरस रही कुमारधुबी समेत एग्यारकुंड की एक लाख आबादी

कुमारधुबी झीलिया नदी में आई बाढ़ से मैथन रोड शंकर टाकीज के पास पुलिया के नीचे जलापूर्ति पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पिछले चार दिनों से कुमारधुबी समेत एग्यारकुंड क्षेत्र की एक लाख आबादी पेयजल के लिए तरस रही है।

JagranMon, 21 Jun 2021 11:22 PM (IST)
चार दिन से पेयजल के लिए तरस रही कुमारधुबी समेत एग्यारकुंड की एक लाख आबादी

कुमारधुबी : झीलिया नदी में आई बाढ़ से मैथन रोड शंकर टाकीज के पास पुलिया के नीचे जलापूर्ति पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पिछले चार दिनों से कुमारधुबी समेत एग्यारकुंड क्षेत्र की एक लाख आबादी पेयजल के लिए तरस रही है। गुरुवार की रात से शुक्रवार की सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण शंकर टाकीज के पास झीलिया पुल के नीचे पाइपलाइन बह गई थी। इस कारण कुमारधुबी, शिवलीबाड़ी मुगमा समेत एग्यारकुंड क्षेत्र में चार दिनों से जलापूर्ति बाधित है। शनिवार को झीलिया नदी का उफान ठहरने के बाद रविवार की सुबह से ही पेयजलापूर्ति पाइपलाइन को दुरुस्त करने के लिए मैथन पेयजल विभाग के कर्मी जुट गए। क्रेन मंगाकर बिखरे हुए पाइप को एक जगह लाने और उसे फिट करने में रविवार देर रात लग गया। हालांकि, रविवार को सारा दिन रुक-रुक कर हुई बारिश से कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बावजूद कर्मी पेयजलापूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने के लिए देर रात काम पर लगे रहे। मरम्मत कार्य में जुटे पेयजल विभाग कर्मियों ने बताया कि रह रह कर हुई बारिश के बावजूद कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को दुरुस्त कर दिया गया है। मंगलवार से जलापूर्ति सामान्य रूप से होने लगेगी। मैथन व पंचेत डैम में जलस्तर का बढ़ना जारी

मैथन /पंचेत : मानसून की बारिश से पिछले कुछ दिनों से मैथन और पंचेत डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर की गति में थोड़ी कमी आई है। दोनों डैम का जलस्तर अभी भी बढ़ना जारी है। लेकिन पहले के मुकाबले अब कम है। सोमवार को मैथन डैम का जलस्तर बढ़कर 482.22 फीट नापा गया। हालांकि अभी डैम में खतरे के निशान से लगभग 13 फीट पानी कम है। अभी भी डैम के ऊपरी भाग से लगातार पानी आ रहा है। इसके कारण अभी मैथन डैम से 24000 क्यूसेक पानी प्रति घंटा छोड़ा जा रहा है। जबकि 30550 क्यूसेक पानी ऊपर से आ रहा है। सोमवार को भी मैथन डैम के तीन गेट व चार गैलर पानी छोड़ा गया। वहीं पंचेत डैम का जलस्तर 417.4 फीट पहुंच गया है। यहां अभी खतरे के निशान से सात फीट पानी कम है। पंचेत डैम से 14000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि 23150 क्यूसेक जलजमाव हो रहा है।

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