सावधान ! सिर्फ झरिया नहीं, इस धरती के नीचे भी आग का दरिया

बीएंडके प्रक्षेत्र अंतर्गत कारो परियोजना से एक किलोमीटर दूर कारो जंगल में भूमिगत जमीन का सीना फाड़कर आग बाहर है। इसी जंगल के एक अवैध कोयला खदान की सुरंग से भूमिगत आग के कारण धुएं का बवंडर उठता रहता है।

MritunjaySun, 21 Nov 2021 07:59 AM (IST)
बेरमो कोयलांचल में फैसली आग ( फोटो जागरण)।

फैयाज आलम मुन्ना, बेरमो। कोयला खदानों की भूमिगत आग की बात करे तो सहसा झरिया का नाम सबकी जुबां पर आ जाता है। झरिया से 50 किमी दूर बेरमो में भी जमीन के नीचे दबे पड़े कोयला के अपार भंडार में आग फैल चुकी है। बड़ी आबादी खतरे में है। यहां सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के तीनों प्रक्षेत्र बीएंडके, कथारा व ढोरी में भूमिगत आग हैैं। भू-धंसान की घटनाएं बढ़ती जा रही है। बीएंडके प्रक्षेत्र के तहत बारीग्राम में सीआइएसएफ कैंप के जमीन जमीन धंसने की घटना हो चुकी है। कई इलाकों में जमीन से आग की लपटें और धुआं निकलते दिखने लगा है। कुछेक इलाके में पानी के लिए बोङ्क्षरग कराने पर जमीन के नीचे से आग निकल जाती है। धरती के नीचे कोयला जलकर राख हो रहा है। भूमिगत आग पर नियंत्रण के लिए फिलहाल यहां ठोस प्रयास होता नहीं दिख रहा है। झरिया की तरह कहीं यहां भी देर न हो जाय।

कारो जंगल व दामोदर तट में आग

बीएंडके प्रक्षेत्र अंतर्गत कारो परियोजना से एक किलोमीटर दूर कारो जंगल में भूमिगत जमीन का सीना फाड़कर आग बाहर है। इसी जंगल के एक अवैध कोयला खदान की सुरंग से भूमिगत आग के कारण धुएं का बवंडर उठता रहता है। रामविलास हाईस्कूल के पीछे एवं सामने दामोदर नदी के किनारे आग की लपलपाती लपटें दिनोंदिन दायरा बढ़ाती जा रही हैं। बेरमो चार नंबर स्थित टैक्सी पड़ाव के निकट भी गैस उबलने के कारण जमीन में दरार पड़ गई है।

ढोरी के आरएस भवन में मचा रही तांडव

ढोरी प्रक्षेत्र अंतर्गत अमलो करबला स्थित ओबी डंप के समीप आग भड़क रही है। ढोरी परियोजना कार्यालय के समीप एवं तारमी स्थित आरएस भवन में भी भूमिगत आग तांडव मचाने को तैयार है। आरएस भ_ा में तो इस कदर खतरनाक बन गई थी कि कुछ इलाके के लोगों को चार वर्ष पहले हटकर अन्यत्र बसना पड़ा था। वहां भूमिगत आग के कारण गोफ बन रहे हैैं।

कथारा में तो सड़क पर पड़ गई थी दरार

कथारा प्रक्षेत्र अंतर्गत कथारा वाशरी एवं कथारा कोलियरी के बीच की सड़क पर पांच वर्ष पूर्व अचानक कई जगह दरार आ गई थी। सड़क कहीं-कहीं धंस भी गई थी। तब काफी अफरातफरी मची थी। सीसीएल प्रबंधन तुरंत हरकत में आया था तो कुछ राहत मिली थी। वैसे, स्वांग एवं गोङ्क्षवदपुर इलाके में भी अभी भी भूमिगत आग लोगों को दहला रही है। भूमिगत आग के कारण कथारा वाशरी एवं कथारा कोलियरी के कोल स्टाक में आग भड़कने की खबर अक्सर सुर्खियों में आती रहती हैै।

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