पड़ोसी राज्य बिहार में खुल गए School-College, जानें झारखंड में कब से खुलेंगे

School Reopen कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 22 अप्रैल को झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह ( मिनी लॉकडाउन) की घोषणा की थी। इसके बाद दुकान बाजार स्कूल कॉलेज बस परिचालन वगैरह-वगैरह बंद कर दिए गए थे।

MritunjaySun, 11 Jul 2021 04:10 PM (IST)
कोरोना के कारण फिलहाल धनबाद में स्कूल बंद हैं ( फाइल फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। School Reopen पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर करीब-करीब नियंत्रित हो चुकी है। इसे देखते हुए कई राज्य सरकारों ने स्कूलों को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार में सोमवार, 12 जुलाई से स्कूल-कॉलेज खुल गए। अब झारखंड में भी स्कूल-कॉलेज खोलने की मांग हो रही है। हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक झारखंड सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। माना जा रहा है कि बिहार और अन्य राज्यों के निर्णय के आलोक में झारखंड सरकार भी जल्द ही कोई निर्णय लेगी।  

22 अप्रैल से जारी है स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह

कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 22 अप्रैल को झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह ( मिनी लॉकडाउन) की घोषणा की थी। इसके बाद दुकान, बाजार, स्कूल, कॉलेज, बस परिचालन वगैरह-वगैरह बंद कर दिए गए थे। कोरोना के नियंत्रति होने के बाद हाट-बाजार खोल दिए गए हैं। बसों का परिचालन हो रहा है। सिनेमा हॉल और मॉल भी चालू हैं। पार्क भी खोल दिए गए हैं। लेकिन स्कूलों में अब भी ताला लगा है। झारखंड सरकार ने 30 जून को अनलॉक 5.0 के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। यह दिशा निर्देश अगले आदेश तक के लिए है। इसमें स्कूलों को बंद रखने का आदेश था। जाहिर है फिलहाल झारखंड के स्कूल बंद ही रहेंगे। वैसे उम्मीद की जा रही है कि झारखंड में अगले महीने यानी अगस्त से स्कूलों को खोलने पर विचार किया जा सकता है।   

स्कूल और कोचिंग संस्थान खुलने का इंतजार

राज्य में कोरोना संक्रमण की दर काफी कम हो चुकी है। हाट, बाजार, मॉल, सिनेमा हाल समेत तमाम तरह के प्रतिष्ठान खुल चुके हैं। इसके बावजूद भी अब शिक्षण संस्थान जैसे, स्कूल, कालेज, कोचिंग के अलावा मंदिरों के खुलने का इंतजार है। इनसे जुड़े लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही निर्णय लेगी।  शिक्षण संस्थानों को खोलने को लेकर अभिभावकों के साथ-साथ कोचिंग शिक्षण संचालक और चैंबर भी अपना समर्थन कर रही है। इनका मानना है कि कोरोना संक्रमण काल में मानव जीवन के बाद यदि सबसे अधिक प्रभाव किसी चीज पर पड़ा है तो वह है शिक्षा व्यवस्था। लगातार दो शैक्षणिक सत्र कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। 

कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए खोला जाय स्कूल

झारखंड अभिभावक महासंघ के मनोज मिश्रा का कहना है कि बेशक स्कूल और कॉलेजों को खुलना चाहिए पर इसके लिए उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूल व कॉलेज खुलने से पहले बच्चों को टीका लगवाया जाए। ऐसी व्यवस्था हो तो शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पूरी तरह से कोविड-19 का टीका लगवाया जाए। इसके बाद ही स्कूल खोला जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल नौवीं, दशवीं, ग्याहरवहीं व बारहवीं की कक्षाएं नियमों के तहत संचालित की जा सकती हैं। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से घोषणा पत्र नहीं लें, बल्कि स्वयं यह घोषणा पत्र दें की उनका संस्थान सुरक्षित है और सभी शिक्षण एवं कर्मचारियों ने टीका ले लिया है।

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