Cyber Crime: चार राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी झारखंड पुलिसस

अनुपात में साइबर अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

साइबर अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उसी अनुपात में पुलिसिया कार्रवाई भी तेज हुई है। पिछले दिनों राज्य मुख्यालय की पुलिस विशेषज्ञ टीम ने जामताड़ा देवघर दुमका जिले के साइबर प्रभावित इलाके का सर्वेक्षण किया था। जिसके बाद इसका प्रतिवेदन राज्य मुख्यालय को भेजा गया।

MritunjayWed, 24 Feb 2021 11:58 AM (IST)

जामताड़ा, जेएनएन। जामताड़ा को साइबर अपराध का गढ़ माना जाता है। पर कम समय में अकूत संपत्ति अर्जित करने का जरिया को देख आसपास के जिले भी तेजी से इसमें शामिल होते गए। जिस कारण कई राज्यों में तेजी से साइबर अपराध बढ़ता गया। हालांकि, बढ़ते अपराध को देखते हुए पुलिस ने इस तरह के अपराध पर लगाम लगाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके नियंत्रण को लेकर राज्य मुख्यालय की पुलिस टीम सर्वे कर चुकी है। अब झारखंड समेत चार राज्यों की पुलिस की संयुक्त अनुसंधान के बल पर साइबर अपराधियों पर नकेल कसा जाएगा। यह खुलासा  मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय निरीक्षण के क्रम में डीआइजी सुदर्शन मंडल ने कही।

उन्होंने बताया कि जिस अनुपात में साइबर अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उसी अनुपात में पुलिसिया कार्रवाई भी तेज हुई है। पिछले दिनों राज्य मुख्यालय की पुलिस विशेषज्ञ टीम ने जामताड़ा, देवघर, दुमका जिले के साइबर प्रभावित इलाके का सर्वेक्षण किया था। जिसके बाद इसका प्रतिवेदन राज्य मुख्यालय को भेजा गया। सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पुलिसिया कार्रवाई संबंधित क्षेत्रों में की जाएगी। सर्वेक्षण के क्रम में अपराध नियंत्रण से संबंधित कई महत्वपूर्ण ङ्क्षबदुओं पर टीम के सदस्यों ने अध्ययन किया। साइबर अपराध नियंत्रण को कई राज्यों की पुलिस संयुक्त समन्वय स्थापित कर साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर पहल करेगी। संबंधित राज्यों की संयुक्त टीम अब गठित होगी। पहले जामताड़ा में स्थानीय साइबर अपराधी ठगी करते थे। अब वे अन्य पड़ोसी जिले में जाकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी भी हो रही है। दूसरे जिलों के अपराधी जामताड़ा से भी दबोचे जा रहे हैं।

महत्वपूर्ण पंजियों को नियमित  संधारित रखें

डीआइजी सुदर्शन मंडल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। निरीक्षण के क्रम में अंकित आपराधिक मामले, निष्पादित मामले, जब्ती सामग्री, वारंटी, विभागीय कार्रवाई पंजी आदि कई प्रकार अभिलेखों तथा पंजी का वे अवलोकन किए। निरीक्षण के क्रम में डीआइजी ने बताया की मंगलवार को निरीक्षण शुरू किया गया है। बुधवार को निरीक्षण संभवत पूरा हो सकता है। निरीक्षण के क्रम में अब तक सभी दस्तावेज संधारित पाए गए।  जो दस्तावेज संधारित नहीं है उसे नियमित संधारित करते रहने का निर्देश दिया गया है। मौके पर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिन्हा, एसडीपीओ अरङ्क्षवद उपाध्याय, नाला तथा जामताड़ा डीएसपी मौजूद थे।

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