Corona Fighters: कोरोना का डर कभी दिल और दिमाग में पैठने नहीं दिया, अब अस्पताल से घर लाैटने को हूं तैयार

झामुमो के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ( फाइल फोटो)।

पंकज मिश्रा कहते हैं- हौसले से ही आप कोरोना को मात दे सकते हैं। इसलिए कोरोना ग्रसित लोग अपना हौसला बनाए रखें। कोरोना को मात देना है यह ठान लें। जैसे सांप को मारने के लिए उसका डर दिल-दिमाग से निकालना जरूरी होता है उसी तरह कोरोना का निकाल दें।

MritunjaySat, 01 May 2021 01:38 PM (IST)

साहिबगंज, जेएनएन। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ने कोरोना को परास्त कर दिया है। वह पॉजिटिव से निगेटिव हो गए हैं। और अब रांची के मेडिका से साहिबगंज जिले स्थित अपने घर लाैटने की तैयारी में जुट हैं। मिश्र बताते हैं कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्होंने कभी डर को दिल और दिमाग में पैठने नहीं दिया। और इसी कारण कोरोना को परास्त कर दिया। कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज को डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोरोना का डर दिल और दिमाग से निकल गया तो संक्रमण से मुक्ति मिलने में देर नहीं लगेगी।  

17 अप्रैल को आई थी पॉजिटिव रिपोर्ट

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साहिबगंज जिले के बरहेट से विधायक हैं। पकंज मिश्रा हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि हैं। वे कोरोना के इलाज के लिए मेडिका अस्पताल में भर्ती हुए। कोरोना को परास्त कर दिया है। आज (शनिवार) शाम तक उन्हें मेडिका रांची से छुट्टी मिल जाएगी। दो-तीन दिन रांची में ही रहने के बाद वे साहिबगंज लाैटेंगे। उन्होंने बताया कि हौसले से ही आप कोरोना को मात दे सकते हैं। इसलिए कोरोना ग्रसित लोग अपना हौसला बनाए रखें। कोरोना को मात देना है यह ठान लें। जैसे सांप को मारने के लिए उसका डर दिल-दिमाग से निकालना जरूरी होता है, उसी तरह कोरोना को परास्त करने के लिए उसका डर मन से निकालना होगा। विगत 17 अप्रैल को वे संक्रमित पाए गए थे। चूंकि पूर्व से भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या थी इसलिए हल्के लक्षण आने पर ही वे 19 अप्रैल को रांची के मेडिका में भर्ती हो गए। 21 अप्रैल को स्थिति में सुधार होने पर चिकित्सकों ने होम आइसोलेशन में रहने को कहा। 

23 अप्रैल पुनः अस्पताल में भर्ती होना पड़ा

अस्पताल से लाैटने के बाद पुन: समस्या आने पर 23 अप्रैल को मेडिका में उन्हें भर्ती कराना पड़ा। अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। शनिवार शाम तक उन्हें छुट्टी मिल जाएगी। पंकज मिश्रा ने बताया कि उनके लंग्स में संक्रमण हो गया था। वहां भर्ती रहने के दौरान चिकित्सक लगातार वाष्प लेने को कहते थे। वे दिन में चार-पांच बार इसे लेते थे। इसके अलावा चिकित्सक सूई-दवा देते थे। उन्होंने ठान लिया था कि कोरोना को मात देकर घर लौटना है। अपने परिवार की सुरक्षा के लिए उन्होंने लोगों को घर से न निकलने तथा टीकाकरण कराने की अपील की है।

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