बोकारो में बरामद खनिज पदार्थ यूरेनियम नहीं, देश की जांच एजेंसियों ने ली राहत की सांस

जांच रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस की मुश्किलें कम नहीं होगी। पुलिस को इस बात की जानकारी लेनी ही होगी कि आखिर नकली यूरेनियम को बेचने की साजिश करने के पीछे का मकसद क्या था। इसे बेचने की कोशिश करने वाले किस ग्राहक को खोज रहे थे।

MritunjayWed, 09 Jun 2021 01:57 PM (IST)
हरला थाना और गाड़ी के अंदर रखा खनिज पदार्थ।

बोकारो: तीन जून को बोकारो में जब्त पदार्थ यूरेनियम नहीं है। इसकी पुष्टि परमाणु ऊर्जा निदेशालय मुंबई ने मंगलवार को किया है। जमशेदपुर से यूसीआइएल की टीम आकर इस बात की जानकारी पहले ही दे दी थी कि जब्त पदार्थ में रेडियो एक्टिव तत्व नहीं है। यूसीआइएल की प्रारंभिक रिपोर्ट पर अब परमाणु ऊर्जा निदेशालय मुंबई ने भी मुहर लगा दी है। यहां से भी जो रिपोर्ट तैयार हुई है, उसमें यह कहा गया है कि जब्त पदार्थ में रेडियो एक्टिव तत्व नहीं मिला। हालांकि, निदेशालय ने यह नहीं बताया है कि जब्त पदार्थ आखिर है क्या।

बता दें कि बीते छह तीन जून को हरला थाना पुलिस को यह सूचना मिली कि कुछ युवक थाना इलाके में यूरेनियम बेचने की बात कह रहे हैं। पुलिस तुरंत इन पांच युवकों तक पहुंची और इन्हें गिरफ्तार कर ली। इनकी निशानदेही पर पुलिस चास कथित यूरेनियम का नमूना देखने ग्राहक बनकर पहुंच गई। नमूना दिखाने वाले युवक को भी पुलिस गिरफ्तार कर ली। इसने बताया कि उसे जरीडीह का एक युवक यूरेनियम दिया था। पुलिस हत्थे चढ़े छह आरोपितों को लेकर जरीडीह गई और यहां से छह किलो तीन सौ ग्राम कथित यूरेनियम बरामद की। यहां से जानकारी मिली कि गिरिडीह का मुन्ना इसे बेचने के लिए यूरेनियम दिया था।

इनकी हुई थी गिरफ्तारी : मेन रोड चास निवासी 44 वर्षीय बापी दा उर्फ बापी चंद्रा, जैनामोड़ फुसरो रोड सब्जी मंडी गली जरीडीह निवासी 28 वर्षीय अनिल ङ्क्षसह, हरला थाना इलाके के पुरनाटाड़ रानीपोखर निवासी 26 वर्षीय दीपक कुमार महतो, चौफान निवासी 27 वर्षीय पंकज कुमार, चिताही निवासी 37 वर्षीय महावीर महतो उर्फ बलराम महतो, बालीडीह राजेंद्र नगर हैसाबातु निवासी 32 वर्षीय हरेराम शर्मा, चीरा चास वास्तु विहार फेज दो निवासी 26 वर्षीय कृष्ण कांत राणा को पुलिस गिरफ्तार की थी। इनके अलावा निमियाघाट गिरिडीह निवासी मुन्ना उर्फ इशांक और सिद्धी जयपुर पुरुलिया पश्चिम बंगाल निवासी दिनेश महतो की तलाश भी पुलिस को है।

पुलिस की मुश्किलें नहीं हुई हैं कम : बता दें कि पूरे मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस की मुश्किलें कम नहीं होगी। पुलिस को इस बात की जानकारी लेनी ही होगी कि आखिर नकली यूरेनियम को बेचने की साजिश करने के पीछे का मकसद क्या था। इसे बेचने की कोशिश करने वाले किस ग्राहक को खोज रहे थे। पुलिस इस बात की जांच भी करेगी कि देश को बदनाम करने वालों की कहीं यह साजिश तो नहीं थी।

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