IMA झारखंड की ओर से राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस 18 जून को मनाया जाएगा Dhanbad News

आईएमए झारखंड की ओर से 18 जून को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया जा रहा है। इसके तहत झारखंड में भी व्यापक स्तर पर आंदोलन होगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए झारखंड के हर जिले से संदेश आया है।

Atul SinghWed, 16 Jun 2021 05:07 PM (IST)
आईएमए झारखंड की ओर से 18 जून को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया जा रहा है। (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

धनबाद, जेएनएन। आईएमए झारखंड की ओर से 18 जून को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाया जा रहा है। इसके तहत झारखंड में भी व्यापक स्तर पर आंदोलन होगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह एवं सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए  झारखंड के हर जिले से संदेश आया है। धनबाद में डॉक्टरों ने भी इस आंदोलन के लिए हरी झंडी दिखाई है। इस आंदोलन से मरीजों को कोई दिक्कत ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है। सेव दी सेवर और स्टॉप वायलेंस ऑन प्रोफेशन एंड प्रोफेशनल की थीम पर होगा। बताया गया कि अस्पतालों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाए जाने को लेकर आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन में सबसे पहले कोरोना में चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी शहीदों हुए है उनकी दिवंगत आत्मा  की शांति के लिए श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही पतंजलि की ओर से डॉक्टर के लिए गलत बयान दी गई है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि डॉक्टर इन दिनों कोरोना से लड़ाई की जंग में लड़ रहे हैं और मरीजों को स्वस्थ कर रहे हैं। पूरे देश में 720 डॉ का कोरोना से मौत हो चुकी है। लेकिन इस तरह के अनर्गल बयान से डॉक्टरों का मनोबल तोड़ने और उन्हें बदनाम करने की बात की है। साथ ही कहा कि वैक्सीन के विषय में भी उनका नजरिया बहुत ही निंदनीय है, लोगो में भ्रम फैलाने वाली है। इसको लेकर आईएमए की ओर से कार्यवाई की मांग करती है। 

मांगेंः

-पूरे देश में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष  कानून की मांग करती है जो सेंट्रल अस्पताल एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल प्रोटेक्शन एक्ट को आईपीसी और सीआरपीसी के साथ जोड़ा जाए। 

-हर अस्पताल में सुरक्षा मानक कड़े किए जाएं और अस्पतालों को संरक्षण दिया जाए। 

-डॉक्टर से मारपीट के आरोप को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा कर कड़ी सजा दी जाए।

प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखाः 

18 जून को प्रस्तावित आंदोलन की रूपरेखा इस प्रकार हैः 

-अस्पतालों में डॉक्टर काला पट्टा हाथ में बांधकर और काला मास्क लगाकर कार्य करेंगे।

-सेव द सेवर फॉरेस्ट ऑफ वायलेंस ऑफिशल के बैनर लगाए जाएंगे। 

-27 कर्मियों की अस्पताल के सामने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

-इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी, डीएम और एसएसपी के माध्यम से ज्ञापन भेजे जाएंगे।

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