IIT(ISM) में कोरोना विस्फोट, 30 अप्रैल तक कैंपस में आने-जाने पर रोक

आइएसएम (आइआइटी) धनबाद का मुख्यद्वार ( फाइल फोटो)।

IIT(ISM) के एक अधिकारी प्रोफेसर समेत कुल सात लोग कोरोना पॉजेटिव हो गए हैं। वहीं संस्थान में 400 सौ से भी अधिक छात्र मौजूद हैं। जिसके बाद आइआइटी आइएसएम में बडे़ पैमाने पर सतर्कता शुरू हो गई हैं।

MritunjaySun, 18 Apr 2021 04:32 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन। आइआइटी (आइएसएम) में कोरोना संक्रमण के कई मामले मिलने के बाद संस्थान ने अब 30 अप्रैल तक कैंपस से बाहर आने-जाने पर पूरी तरह पबंदी लगा दी है। घरों में काम करने वाले पुरुष और महिलाओं के भी आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं सोमवार से रोस्टर प्रणाली के तहत 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय खोला जाएगा। कैंपस से बाहर रहने वाले आइएसएम के कर्मचारी, रिसर्च स्कॉलर, प्रोजेक्ट कर्मचारी के कैंपस आने पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया गया है। आइएसएम के जो सदस्य कैंपस के बाहर रहते हैं तो उन्हें शैक्षिणक गतिविधियों को अपने हिसाब से व्यवस्था करनी होगी ताकि शैक्षणिक गतिविधि में रूकावट नहीं आए।

कोरोना संक्रमण के सात मामले

बतातें चले कि एक अधिकारी, प्रोफेसर समेत कुल सात लोग कोरोना पॉजेटिव हो गए हैं। वहीं संस्थान में 400 सौ से भी अधिक छात्र मौजूद हैं। जिसके बाद आइआइटी आइएसएम में बडे़ पैमाने पर सतर्कता शुरू हो गई हैं। जिसको लेकर सभी कोरोना पॉजेटिव को ईडीसी के आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है। कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए को उप निदेशक ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सभी कार्यालय तथा विभागों को रविवार तक बंद कर दिया गया है। इस दौरान कैंपस से बाहर रहने वाले कोई भी कर्मचारी, प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर के कैंपस आने पर पूरी तरह रोक लगा दिया गया है। वहीं 15 तथा 16 अप्रैल के बदले 24 अप्रैल तथा एक मई को कार्य करना होगा। वहीं कैंपस में रहने वाले कर्मियों के रिश्तेदार यदि आते हैं तो उन्हें सात दिनों के आइसोलेशन में रहना होगा।

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