IIT (ISM) Dhanbad: बीओजी के अध्यक्ष को मिला द ग्रेट इंडियन टीचर्स सम्मान

IIT (ISM) बीओजी के चेयरमैन प्रोफेसर प्रेम व्रत को इंडियन ऑब्जर्वर पोस्ट द्वारा लीड ग्लोबल कॉन्क्लेव 2021 के मौके पर द ग्रेट इंडियन टीचर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा है- एक शिक्षक के लिए उसके किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलने वाला सम्मान बड़ा पारितोषिक होता है।

MritunjaySun, 05 Sep 2021 02:59 PM (IST)
आइआइटी-आइएसएम बीओजी के चेयरमैन प्रोफेसर प्रेम व्रत ( फाइल फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। आईआईटी आईएसएम धनबाद बीओजी के चेयरमैन प्रोफेसर प्रेम व्रत को इंडियन ऑब्जर्वर पोस्ट द्वारा लीड ग्लोबल कॉन्क्लेव 2021 के मौके पर द ग्रेट इंडियन टीचर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस मौके पर उन्होंने कहा की एक शिक्षक के लिए उसके किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलने वाला सम्मान ही उनके जीवन का सबसे बड़ा पारितोषिक होता है। यह सम्मान पाना मेरे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक शोधकर्ता और शिक्षक के रूप में 50 वर्षों से भी अधिक समय का एक लंबा कैरियर रहा है। उन्हें यह पुरस्कार क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और एक अमिट छाप छोड़ने के लिए मिला है। प्रोफेसर प्रेम व्रत के अलावे सम्मानित होने वालो में डॉ मुरली मनोहर जोशी, डॉ के कस्तूरीरंगन, डॉ आरए माशेलकर, एनबीए के अध्यक्ष प्रोफेसर केके अग्रवाल, प्रोफेसर, संस्थापक निदेशक नालसर और संस्थापक वीसी एनएलयू के रणबीर सिंह को मिला है।

समारोह की अध्यक्षता एआईयू के महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने की। इस अवसर पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में दो राजदूत और आईआईटी आईएसएम बीओजी के चेयरमैन प्रोफेसर प्रेम व्रत भी ​​विशिष्ट अतिथि बनाए गए थे। प्रोफेसर प्रेम व्रत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा आईआईटी मंडी बीओजी के चेयरमैन रूप में अतिरिक्त प्रभार में भी हैं। 

प्रो. प्रेम व्रत के उत्कृष्ट के शैक्षणिक कैरियर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की वे नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम (पूर्व में आईटीएम यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम) में प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस और चीफ मेंटर, आईटीएमयू में कुलपति होने से पहले, सितंबर 2011 में, वह प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआई), गुरुग्राम में प्रख्यात प्रोफेसर रह चुके हैं। यही नहीं कई भारतीय और विदेशी पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्डों में भी रहे हैं। इसके अलावा भी कई ख्यातिया इनसे जुडी है।

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