दस दिनों मे जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो तेलमच्चो के तीन पंचायत के ग्रामीण करेंगे भूख हड़ताल

दस दिनों मे जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो तेलमच्चो के तीन पंचायत के ग्रामीण करेंगे भूख हड़ताल

तेलमच्चो जलापूर्ति योजना जब तक नियमित रूप से चालू नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विभाग को दस दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यह बातें कांड्रा पंचायत सचिवालय में शनिवार को कांड्रा तेलमच्चो और लोहपिटी पंचायत के मुखियाओं ने पत्रकारों से कही।

Publish Date:Sun, 06 Dec 2020 03:35 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, महुदा: तेलमच्चो जलापूर्ति योजना जब तक नियमित रूप से चालू नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विभाग को दस दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यह बातें कांड्रा पंचायत सचिवालय में शनिवार को कांड्रा, तेलमच्चो और लोहपिटी पंचायत के मुखियाओं ने पत्रकारों से कही। मुखिया चक्रधारी महतो ने कहा कि जनाधार विहीन कुछ नेता यहां की जनता को गुमराह करना चाह रहे हैं। वे सरजमीन पर आकर बताएं कि योजना चालू है तो पानी कहां कहां गिर रहा है। विधायक ढुलू महतो की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने भी योजना में गड़बड़ी की बात कही है। मुखियाओं की भी मांग है कि योजना में गड़बड़ी की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुखिया पूनम देवी ने कहा कि तेलमच्चो ग्रामीण जलापूर्ति योजना में घोटाला हुआ है। इसकी अतिशीघ्र जांच होनी चाहिए और दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर दस दिनों के अंदर जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो तीनों पंचायत के ग्रामीणों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे। लोहपिटी पंचायत के मुखिया छोटेलाल महतो ने कहा कि पानी जैसे मूलभूत समस्या पर गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं की पोल खुल गई है। वार्ता में सीमंतो महतो, कालीचरण महतो, काशी महतो आदि मौजूद थे। पांच दिनों से पानी को तरस रहे बेलगढि़या कॉलोनी के दो हजार लोग : झरिया विहार बेलगढि़या कॉलोनी के तीन तल्ला एक नंबर पानी टंकी का मोटर पंप खराब हो जाने से स्थानीय लोग पांच दिनों से पानी को तरस रहे हैं। दो हजार की आबादी पेयजल से प्रभावित है। कॉलोनी वासियों ने कहा कि पानी टंकी में एक ही मोटर पंप है। मोटर पंप के जल जाने से पांच दिनों से कॉलोनी में जलापूर्ति बाधित है। कॉलोनी वासी दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाने को विवश हैं। लोगों ने बताया कि मोटर पंप खराब होने के बाद जेआरडीए कार्यालय में इसकी मरम्मत के लिए आवेदन दिया गया। पांच दिनों बाद भी अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जल्द जलापूर्ति नहीं हुई तो लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।

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