काली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा व शतचंडी महायज्ञ को लेकर नावागढ़ में निकली भव्य कलश यात्रा

काली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा व शतचंडी महायज्ञ को लेकर नावागढ़ में निकली भव्य कलश यात्रा

संवाद सहयोगी नावागढ़ जलहरी मां काली मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के

JagranFri, 05 Mar 2021 12:59 AM (IST)

संवाद सहयोगी, नावागढ़: जलहरी मां काली मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के निमित्त गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। किशोरी व महिलाएं सिर पर कलश लेकर, नावागढ़ मोदक टोला, नावागढ़ मोड़, लालाबाड़ी, खरखरी, महेशपुर होते हुए महेशपुर छठ तालाब पहुंची। आचार्यो द्वारा वैदिक रीति से पूजन के पश्चात जल भरण कराया गया। मंडप प्रवेश कर चारों और कलश स्थापित किया। गाजा-बाजा, ढोल नगाड़ों से निकल रही आवाज लोगों में भक्ति भावना का संचार कर रही थी। पंडितों का एक समूह के द्वारा निरंतर मंत्रजाप कर रहा था। श्रद्धालु हर हर महादेव, जय श्री राम का जयकारा लगा रहे थे। हाथों में भगवा ध्वज लिए काफी संख्या में पुरुष श्रद्धालु शामिल थे। सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी यात्रा में शामिल थे, जबकि यजमान के रूप में उनके प्रतिनिधि रामाशंकर तिवारी सपत्नीक शामिल थे। देवी-देवताओं की झांकियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इस धार्मिक अनुष्ठान से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। सामाजिक संस्थाओं के द्वारा नावागढ़, महेशपुर में श्रद्धालुओं के लिए शरबत पानी की व्यवस्था की गई थी। आनंद मोदक, धीरेन लाला, अजित बनर्जी, दिलीप विश्वकर्मा, राजा लाला, विजय पासवान, बिनोद रवानी, कैलाश नायक, बीरवल रवानी, ललन रजक, लंबु मोदक, सुधीर मोदक थे। मौके पर मनीष सिंह, प्रेम तिवारी, गोल्डेन तिवारी, संतोष महतो, गौतम गोप, प्रमोद चौरसिया, राजीव सिंह, कौशल किशोर महतो, सुभाष, राजेश तिवारी, गौतम गोप, जनार्दन कुमार, जितेंद्र प्रसाद सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।

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भारत अगले दस वर्षों में पुराने स्वरूप को करेगा प्राप्त : प्रेमभूषण महाराज

गोविदपुर : प्रसिद्ध कथा वाचक प्रेमभूषण महाराज ने गुरुवार को गोविदपुर में कहा कि कुछ मुद्दों को छोड़कर देश की वर्तमान सत्ता राष्ट्र हित में काम कर रही है। सत्ता के नीति निर्धारक के अंदर राष्ट्रभक्ति प्रचंड है और पहले जो भारत का स्वरूप रहा है अगले 10 वर्षों में देश उसी पुराने स्वरूप को प्राप्त करेगा। भारत फिर विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के निजीकरण का वह समर्थन नहीं करते और इसका विरोध भी उचित है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसके अलावा कोई चारा भी नहीं है। महाराज ने कहा कि सिनेमा और मीडिया अश्लीलता परोस रहे हैं। इससे समाज में गंदगी फैल रही है। रामायण व महाभारत के दोबारा प्रसारण में दर्शकों की टीआरपी बताती है कि भारतीय समाज आज भी सात्विकता चाहता है। भारतीय परिधानों में भी यहां की नारी सुंदर एवं सुसज्जित लगती है। इसके बावजूद सिनेमा की नकल कर भारतीय नारियां पश्चात्य वस्त्र धारण कर रही हैं। हमें ऐसे परिधानों से बचना होगा। भारत आध्यात्मिक देश रहा है। हमारी सभ्यता व संस्कृति का पूरे विश्व में कहीं कोई जोड़ नहीं है। हमें अपनी संस्कृति को बनाए रखने की दिशा में काम करना होगा।

मौके पर प्रेमभूषण महाराज के मुख्य यजमान कमल कुमार अग्रवाल, समाजसेवी शंभूनाथ अग्रवाल, नंद लाल अग्रवाल, बलराम अग्रवाल, ईशा अग्रवाल, गीता देवी अग्रवाल, उर्मिला अग्रवाल, पिकी अग्रवाल, प्रिया अग्रवाल आदि मौजूद थे।

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