BCCL: खुशखबरी! कोल इंडिया आश्रित नियोजन में विवाहित बेटी को भी नौकरी मिलने का रास्ता हुआ साफ, ऐसे करें अप्‍लाई

कोल इंडिया के कर्मियों के लिए काफी सुखद समाचार जनवरी में मिला है । (जागरण )

कोल इंडिया के कर्मियों के लिए काफी सुखद समाचार जनवरी में मिला है । कोल इंडिया एपेक्स जेसीसी की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब आश्रित नियोजन में विवाहित बेटी को नौकरी मिल सकेगी । न्यायालय के फैसले पर भी विचार करने का मामला प्रमुखता से उठाया गया।

Atul SinghSat, 23 Jan 2021 01:08 PM (IST)

धनबाद, जेएनएन : कोल इंडिया के कर्मियों के लिए काफी सुखद समाचार जनवरी में मिला है । कोल इंडिया एपेक्स जेसीसी की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब आश्रित नियोजन में विवाहित बेटी को नौकरी मिल सकेगी । प्रबंधन के समक्ष  न्यायालय के फैसले पर भी विचार करने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। इसके  बाद यह निर्णय लिया है।

 कोल इंडिया चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि श्रमिकों के मिलने वाली सुविधाओं में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी और जो भी निर्णय होंगे। वह श्रमिक हित में लिए जाएंगे अग्रवाल ने कहा कि कोयला उद्योग का बेहतर भविष्य है और इसे ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए हमें सभी का साथ मिलकर काम करने की जरूरत है यूनियन नेताओं ने कोल कर्मियों को भी एक जनवरी 2017 से बड़े हुए ग्रेच्युटी 2000000 का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इसका लाभ श्रमिकों को मिलना चाहिए जो नहीं मिल पा रहा है इससे करीब 18000 को लाकर में वंचित हैं।

कोल इंडिया के डीपी आरपी श्रीवास्तव  के डायरेक्टर मार्केटिंग एसएन तिवारी बीसीसीएल के सीएमडी गोपाल प्रसाद सिंह ईसीएल के सीएमडीपीएस मिश्रा सीसीएल के पीएम प्रसाद, यूनियन के अटैक से रामेंद्र कुमार बीएमएससीइ के लक्ष्मण रेड्डी ,सीटू से डीडी रामानंद,  एचएमएस नाथूलाल पांडे, एसोसिएशन के प्रतिनिधि सहित  सभी कंपनियों के सीएमडी  एवं अधिकारीगण मौजूद थे। 

बैठक में निम्न विषयों को प्रमुखता से उठाया गया

एपेक्स जेसीसी की बैठक औपचारिक ना होकर सार्थक होनी चाहिये।बैठक में जो निर्णय लिए जाते हैं,उन्हें लागू करने और मॉनिटर करने निमित्त त्वरित कार्यवाही की जानी चाहिये,किंतु अत्यंत खेद का विषय है,कि ऐसा नही हो पा रहा है।

कोयला मंत्री जी के आश्वाशन उपरांत भी एनईसी में कोयले के उत्पादन को बंद कर दिया गया और कर्मचारियों को अन्य कंपनियों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।/किया जाएगा।असम राज्य में कोयले के निष्कासन के लिए वन विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अड़चनों को खत्म /हल करने हेतु कोल इंडिया व कोयला मंत्रालय को प्रयास करना चाहिए और तुरंत कोल निष्कासन हेतु प्रक्रिया फिर से प्रारंभ कर देना चाहिए।

सिंगरैनी कोलियरी में प्रबंधकीय अव्यवस्था,धन का दुरुपयोग व भ्रष्टाचार व्यापक रूप में है,तथा सीआईएल के सहायक कंपनी के निदेशक कंपनी के हितों की रक्षा करने में बुरी तरह विफल रहे हैं।

 ईसीएल में घरेलू(आवासीय)बिजली के चार्ज को नुकसान के कारण वाणिज्यिक रूप में संगणित किया जा रहा है,जो उचित नही है।

एनसीएल  में कर्मचारियों के भर्ती के संबंध में हमेशा प्रबंधकीय भ्रष्टाचार की खबरें प्रिंट मीडिया में देखने को मिलती हैं।कर्मचारियों के भर्ती हेतु एक केंद्रीय सेल बनाया जाए,जिसका मुख्यालय कोलकोता(CIL)हेडक्वॉर्टर हो।

कोल इंडिया के अधिकांश विश्राम गृहों में प्रबंधकीय व्यवस्था न्यून है,तथा ठेकेदार लाभ कमा रहे हैं।सभी सहायक कंपनियों में सिविल कार्यों की जाँच होनी चाहिये।

थर्ड पार्टी सैम्पलिंग के नाम पे कोयले के ग्रेड में गिरावट से कंपनी को भारी नुकसान हो रहा है।

कर्मचारियों के आवासों की स्थिति बेहतर हो इस निमित्त डिसेंट हाउसिंग के तहत एक बड़ी राशि खर्च की गई,किंतु आवासीय कालोनियों में किसी प्रकार के प्रभावी सुधारात्मक कार्य दिखाई नही देते।

वर्ष 2019-20के दौरान अधिकांश कंपनियाँ अपने उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त नही कर सकी,जिससे प्रबंधकीय दक्षता स्पष्ट झलकती है।

कोविड से बचाव हेतु सभी कोल कर्मचारियों को निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

कंट्रीब्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम ट्रस्ट का अविलंब पंजीयन हो,इस निमित्त त्वरित पहल की जानी चाहिये।

कर्मचारियों का वेतन समझौता 01/07/2021से नियत है,अस्तु अविलंब JBCCI-11 समिति का गठन कर लिया जाना चाहिए।

फीमेल व्हीआरएस व्यवस्था लागू किया जाए,खनन प्रशिक्षण उपरांत रोजगार उपलब्ध कराए जायें।

कोल उद्योग के सभी कर्मचारियों को 01/01/2017 से रुपए बीस लाख(2000000/-) ग्रेजुएटी की राशि का अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाये।

ठेकेदारों के परिवर्तन की स्थिति में,ऐसे ठेकेदारी कामगार जो कुशल श्रेणी के हैं,उनका परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिये तथा नियमित रूप से उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए कर्मचारी कोड(ईएसआई ) प्रदान किया जाना चाहिए।

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