Bakrid 2021: पहले करोड़ में होता था बकरे का कारोबार, अब नहीं मिल रहे दामदार

खस्सी के व्यापारियों ने कहा कि झरिया में लगभग एक दर्जन बड़े खस्सी के व्यापारी हैं। तीन साल पहले बकरीद के अवसर पर झरिया में एक करोड़ से अधिक का व्यापार हो जाता था। एक खस्सी 50 हजार से अधिक में बिकती थी।

MritunjaySun, 18 Jul 2021 02:31 PM (IST)
झरिया में बकरीद के अवसर पर खस्सी बेचने बैठे मायूस व्यापारी जुनैद कुरेशी ( फोटो जागरण)।

गोविन्द नाथ शर्मा, झरिया। बकरीद में कुरबानी देने का प्रचलन सदियों पुराना है। वैश्विक महामारी कोराेना ने झरिया कोयलांचल में बकरीद के त्योहार को फीका कर दिया है। झरिया के प्रमुख बकरों के बाजार बकरीहाट में सन्नाटा छाया है। बकरीद को लेकर उतने खस्सी नहीं बिक रहे हैं। व्यापारी काफी परेशान हैं। ज्यों-ज्यों त्योहार नजदीक आता जा रहा है। लाखों की पूंजी लगाने वाले खस्सी व्यापारी परेशान हैं। लगभग सभी खस्सी के व्यापारियों ने कहा कि कोरोना के असर के कारण ऐसा हो रहा है। पहले जैसे लोग खस्सी खरीदने के लिए नहीं आ रहे हैं। ऊपर कुल्ही निवासी 45 वर्षीय खस्सी के व्यापारी जुनैद कुरैशी ने कहा कि वर्षों से बकरीद में खस्सी बेचने का कारोबार करते आ रहे हैं। लेकिन इस वर्ष की तरह बाजार कभी नहीं हुआ। कोरोना के कारण व्यापार चौपट हो गया है। 15-20 दिन पूर्व लाखों की लागत से 50 खस्सी इटावा से लाए थे। त्योहार के मात्र तीन दिन बचे हैं और लगभग 20 खस्सी ही बिकी है। पिछले साल से भी स्थिति अधिक खराब है। काेरोना काल में मेरे लगभग एक दर्जन से अधिक ग्राहकों की मौत हो गई। ऐसा कई व्यापारियों के साथ भी हुआ है।

बकरीद में खस्सी का व्यापार हुआ प्रभावित

झरिया के खस्सी व्यापारी मंगल ठाकुर, दिलीप मोदक, पवन मोदक, आशीष मोदक, अनीस मोदक, अकबर अली, मुमताज कुरैशी, फिदा वारिश ने कहा कि दो साल से कोरोना के कारण बकरीद में खस्सी का व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। इस वर्ष तो स्थिति और खराब है। तीन साल पहले बकरीहाट में बकरीद के अवसर पर खस्सी खरीदने दूर-दूर से लोग आते थे। अब त्योहार के कुछ ही दिन बचे हैं। लेकिन खरीदार अभी तक नहीं आ रहे हैं। इस वर्ष भी व्यापार में काफी नुकसान होने की संभावना है।

पहले बकरीद में एक करोड़ से अधिक का होता था खस्सी का व्यापार

खस्सी के व्यापारियों ने कहा कि झरिया में लगभग एक दर्जन बड़े खस्सी के व्यापारी हैं। तीन साल पहले बकरीद के अवसर पर झरिया में एक करोड़ से अधिक का व्यापार हो जाता था। एक खस्सी 50 हजार से अधिक में बिकती थी। आज हालत यह है कि सात हजार की खस्सी को बेचने में भी परेशान हो रहे हैं। लाख के भी खस्सी नहीं बिके हैं।

सरकार से लगाई मदद की गुहार

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर पिछले दो साल से बकरीद के खस्सी व्यापार में हो रहे घाटे को लेकर जुनैद व अन्य व्यापारियों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। कहा कि सरकार को बैंक से सहयोग दिलाने की पहल करनी चाहिए। ताकि हमलोगों को राहत मिल सके। हमारा व्यापार चलता रहे। परिवार का भरण-पोषण होता रहे।

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