Singh Mansion vs Raghukul: बहुत गहरी हो गई दुश्मनी की खाई, रागिनी बोलीं-अब हाथ मिलाने की गुंजाइश नहीं

रागिनी ने झरिया में जंगल राज होने की बात कह अपने विरोधी पर आक्रमण करती हुई कहती हैं कि झरिया के लोग पानी और बिजली के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। छोटे छोटे दुकानदारों से 200 रूपये तक की रंगदारी ली जा रही है।

MritunjaySun, 17 Oct 2021 09:44 AM (IST)
ऊपर झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और नीचे रागिनी सिंह ( फाइल फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। कभी जिस परिवार की मेल मिलाप की कसमें लोग खाते थे। आज धनबाद के उसी परिवार के बिखराव के बाद दो फाड़ हुए लोग एक दुसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं गवांना चाहते। अभी राजनैतिक विरासत की लड़ाई को कोर्ट तक घसीट ले जाने वाले इस परिवार की एक गुट की बहु ने हुंकार भरते हुए दुसरे गुट से किसी भी तरह की रिश्तेदारी निभाने की संभावना से सीधे तौर पर इंकार कर दिया है। आइये हम आपको बताते हैं कि आखिर कभी धनबाद के सबसे ताकतवर परिवार में ऐसा क्या हो गया कि दोनों एक दुसरे को फूटी आंखों नहीं सुहा रहे और कौन है वह परिवार।

कहानी सूरजदेव सिंह के परिवार की

जी हां, हम बता कर रहे हैं सूर्यदेव सिंह और उनके भाइयों के परिवार की। जिनका सिंह मेंशन परिवार से अच्छा खासा नाम था। लेकिन कुछ सालों पहले ऐसी अनहोनी हुई कि परिवार में पड़ी फूट और गहरी होती गई। एक परिवार सिंह मेंशन तो दूसरा रघुकुल के नाम से अपनी विरासत को आगे बढ़ाने में लगा रहा। इसके लिए सिंह मेंशन ने भाजपा का दामन थाम लिया तो दूसरे गुट रघुकुल ने कांग्रेस का। और शुरू हो गई अपनी राजनैतिक वर्चस्व की लड़ाई, जो अब इस मुकाम तक आ पहुंची है कि आपसी खुन खराबे से खराब हुआ खून का रिश्ता अब कभी फिर से एक ना होने की कसमें खा रहा है।

सिंह मेंशन और रघुकुल की राहें जुदा-जुदा

इस क्रम में सिंह मेंशन की बहु और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह ने कहा कि सिंह मेंशन घराना गंगा की तरह ही पवित्र है और उसी तरह से हमेशा रहेगा। सिंह मेंशन और रघुकुल की जुदा राहों के एक होने की दूर दूर तक कोई सम्भावना नहीं है। उनका कहना है कि सिंह मेंशन पर जब-जब संकट आया, बहुओं ने घर से बाहर निकल कमान संभाली हैं। और वे वही कर रही हैं। झरिया से पिछले विधान सभा में अपने पति की विरासत रघुकुल की बहु पूर्णिमा नीरज सिंह के हाथों गंवाने वाली रागिनी ने झरिया में जंगल राज होने की बात कह अपने विरोधी पर आक्रमण करती हुई कहती हैं कि झरिया के लोग पानी और बिजली के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। कोई उनकी सुनने वाला नहीं है।

छोटे-छोटे दुकानदारों से भी वसूली जा रही रंगदारी

रागिनी ने कहा है कि छोटे छोटे दुकानदारों ,कोयला ढोने वालों से 200 रूपये तक की रंगदारी ली जा रही है। यहां तक कि आम जनता के विकास के लिए विधायक फंड से हो रहे कामों में भी बड़े पैमाने पर कमीशन लिया जा रहा है। जिससे गुणवता प्रभावित हो रही है। लाेगों को अब अपनी गलती का अहसास हो चला है। अब स्थानीय विधायक के विरोध में लोग गाेलबंद होने लगे हैं। इसका नतीजा अगले चुनावों में दिखेगा। भाजपा नेत्री रागिनी सिंह ने कहा कि उनके पति संजीव सिंह को जेल भेजवाने वाले के मनसूबे को वह कामयाब नहीं होने देंगी। उनके पति बेदाग होकर एक दिन जेल से बाहर आएंगे।

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