Sahibganj SDO के खिलाफ डॉक्टरों ने खोला मोर्चा, आज से ओपीडी करेंगे बंद

साहिबगंज में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी की बैठक में उपायुक्त के सामने ही एसडीओ और सिविल सर्जन भिड़ गए थे। सिविल सर्जन के खिलाफ एसडीओ ने टिप्पणी की। इसे डॉक्टरों ने मुद्दा बना लिया है। हालांकि विवाद पर पानी डालने के लिए एसडीओ ने माफी मांगी है।

MritunjayWed, 28 Jul 2021 07:52 AM (IST)
साहिबगंजल में काला बिल्ला लगाकर विरोध करते स्वास्थ्य कर्मचारी ( फोटो जागरण)।

संवाद सहयोगी, साहिबगंज। सिविल सर्जन डा. अरविंद कुमार के साथ साहिबगंज के सदर एसडीओ हेमंत सती द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का मामला गरम हो गया। मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय में झासा और आइएमए की हुई संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि इसके विरोध में बुधवार से जिले में ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद रहेगी। इमरजेंसी कार्य और टीकाकरण चालू रहेगा। बैठक की अध्यक्षता आइएमए अध्यक्ष डा. विजय कुमार ने की जबकि डा. अरविंद कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे। बैठक में सोमवार को हुई घटना पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि एसडीओ पर जबतक कार्रवाई नहीं होती होगी आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में डा. आनंद मोहन, डा. रणविजय, डा. आरपी दास, डा. कमलेश्वरी प्रसाद रंजन, डा. संजय कुमार, डीपीएम अनिमा किस्कू, अश्वनी कुमार सिन्हा, बबलू सिंह सहित जिले के सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। 

मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ने की निंदा

मामले पर विचार करने के लिए मंगलवार को बिहार-झारखंड सेल्स रिप्रजेंटेटिव यूनियन की जूम मीटिंग हुई। इसमें एसडीओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें रवि, मनीष, मनोज, आशुतोष आदि शामिल थे। इधर, साहिबगंज एसडीओ हेमंत सती द्वारा सिविल सर्जन डा. अरङ्क्षवद कुमार के साथ दुव्र्यवहार के विरोध में बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं कर्मियों ने मंगलवार को काला बिल्ला लगाकर काम किया। मौके पर चिकित्सक डा. चंदन कुमार, डा. दिलीप कुमार, नेत्र सहायक संतोष कुमार, बीपीएम संदीप कुमार, बैम चंदन कुमार, एएनएम सीमा कुमारी, निशा, रोजलीन बासुकी सहित अन्य कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। 

एसडीओ ने जताया खेद

सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान हुई घटना पर एसडीओ हेमंत सती ने खेद जताया है। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को आहत पहुंचाना नहीं था। जस्टिस वीके गुप्ता के आगमन के दौरान एंबुलेंस के देर से पहुंचने से वे गुस्से में थे। बैठक के दौरान वह निकल गया। उन्होंने कहा कि यहां नया आया हूं। यहां की कार्यपद्धति से बहुत वाकिफ नहीं हूं। इस वजह से इस तरह की बात हुई।

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